लखनऊ हाईकोर्ट ने आईसीडीएस से मांगा जवाब:काम में पारदर्शिता रखने के आदेश दिए, 27 जनवरी को अगली सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (आईसीडीएस) में कथित अनियमितताओं के मामले में गंभीर रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति ए आर मसूदी और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार समेत सभी पक्षों से शपथपत्र के माध्यम से जवाब मांगा है। पौष्टिक आहार की आपूर्ति समय से की जाए खंडपीठ ने योजना के क्रियान्वयन में विशेषकर पौष्टिक आहार की आपूर्ति में पारदर्शिता की आवश्यकता पर बल दिया है। इस संबंध में न्यायालय ने रक्षा खाद्य और अनुसंधान लैबोरेट्री, मैसूर के निदेशक को आंगनबाड़ी केंद्रों का अध्ययन करने का निर्देश दिया था, जिसकी रिपोर्ट न्यायालय को सौंप दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों का अध्ययन करने का निर्देश न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 189140 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की संख्या 1,78,706 है। इस योजना से लाभ पाने वालों की संख्या 22233550 है। 1975 में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य शिशुओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य की देखभाल है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *