लखनऊ में लेखराज मार्केट इंदिरानगर स्थित यूपी फार्मेसी काउंसिल के संविदा कर्मी क्लर्क जयंत कुमार सिंह को एंटी करप्शन की टीम ने पांच हजार रुपए घूस लेते रंगेहाथ पकड़ लिया।
उसने मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनवाने के नाम पर एक बेरोजगार से घूस मांग रहा था। जांच में सामने आया है कि घूसखोरी में विभाग के एक अधिकारी का पीए भी शामिल है, जो ऊपर तक पैसे पहुंचता था। आरोपी ने एक अफसर के पीए को बताया मास्टर माइंड
लखनऊ सेक्टर के प्रभारी टीवी वर्मा और उनकी टीम ने घूस लेने वाले संविदा क्लर्क जयंत को गिरफ्तार इंदिरानगर थाना पुलिस को सौंप दिया।
टीवी वर्मा ने बताया कि गाजीपुर के रहने वाले अनिल कुमार गुप्ता ने बी-फार्मा के बाद मेडिकल स्टोर खोलने वाले थे। इसके लिए मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के लिए अप्लाई किया था।
उनसे यूपी फार्मेसी काउंसिल के संविदा कर्मी क्लर्क जयंत कुमार सिंह लाइसेंस के नाम पर पैसे मांग रहे थे।
पैसे न देने पर आफिस के चक्कर कटवा रहा था। अनिल की शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। जिसके बाद अनिल को लेकर टीम ने उसको घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।


