पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने तिलैया डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया है। एहतियातन डैम प्रबंधन ने शुक्रवार रात 9 बजे डैम के आठ फाटक खोल दिए। पानी का दबाव कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। डैम से रोजाना 650 क्यूबिक पानी पनबिजली उत्पादन हेतु छोड़ा जाता है, लेकिन फिलहाल अतिरिक्त 1000 क्यूबिक पानी प्रति सेकेंड डिस्चार्ज किया जा रहा है। यानी कुल मिलाकर प्रतिदिन लगभग 1600 क्यूबिक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रभावित जिलों को किया गया अलर्ट डैम प्रबंधन की ओर से कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और जामताड़ा जिलों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। ग्रामीणों को माइकिंग कर नदियों और डैम किनारे न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। तिलैया डैम के हेडल इंचार्ज सैयद महताब कादरी ने बताया कि तकनीकी टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही है। फिलहाल डैम का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 5 फीट नीचे है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है। सुरक्षा के सख्त इंतजाम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए डैम क्षेत्र में बोटिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। डैम के ऊपरी हिस्से में आम लोगों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। कुछ दिन पहले फाटक खोलने का ट्रायल किया गया था ताकि जरूरत पड़ने पर तकनीकी दिक्कत न आए। अब फाटक खोलने के बाद डैम के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। अन्य नदियां भी उफान पर झारखंड के अन्य हिस्सों में भी लगातार बारिश से कई नदियां उफान पर हैं। जलाशयों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। भविष्य में संभावित बारिश को देखते हुए पानी का दबाव कम करने के लिए जल संसाधन विभाग ने वाटर डिस्चार्ज की रणनीति बनाई है। 9 साल बाद खुला डैम, लोग खींचे चले आए नजारा देखने तिलैया डैम का फाटक पिछली बार वर्ष 2016 में खोला गया था। लगभग 9 साल बाद शुक्रवार रात एक बार फिर फाटक खोलने की जरूरत पड़ी। इसके बाद शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग नजारा देखने पहुंचने लगे। युवक-युवतियां सेल्फी लेते नजर आए। हालांकि डैम क्षेत्र में पुलिस की सख्त पाबंदी है और डैम के नजदीकी हिस्सों में जवानों की तैनाती की गई है ताकि कोई अनहोनी न हो।


