लगातार बारिश से सुलगती कोयला खदान से निकल रही भाप:खदान के धंसने का डर, पानी भरने से कोयला उत्पादन-डिस्पैच का काम रुका

मानसून लगातार तीसरे दिन गुरुवार को धनबाद में झूमकर बरसा। सुबह से शाम तक रह-रहकर हल्के से मध्यम दर्जे की और दो-तीन बार मूसलाधार बारिश हुई। शुक्रवार को भी यहां ऑरेज अलर्ट जारी किया गया है। तकरीबन झारखंड के हर जिले में जोरदार बारिश हुई। मौसम विभाग ने 25 जून तक कई हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश होने की संभावना जताई है। खदान धंसने का डर बढ़ गया है। भाप बनकर पूरे कोलियरी क्षेत्र में छा गया इधर, लगातार बारिश की वजह से झरिया में जमीन के नीचे कोयले में लगी आग पर पानी गिरने से भाप निकलना शुरू हो गया। कोयला खदान 109 साल से जमीन के अंदर-ही-अंदर आग सुलग रही है। धनबाद में मानसून की जोरदार बारिश के दौरान भारी मात्रा में पानी खदानों में गया, तो अंदर की गर्मी से भाप बनकर पूरे कोलियरी क्षेत्र में छा गया। खदानों में घुसा पानी
इधर, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश का सबसे अधिक प्रभाव बीसीसीएल में कोयले के उत्पादन और डिस्पैच पर पड़ा है। कंपनी के सभी 12 एरिया की ओपनकास्ट और अंडरग्राउंड खदानों में बरसात का पानी भर गया है। इसके कारण उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने भूमिगत खदानों में कर्मियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। ओपनकास्ट खदानों में पहले सुरक्षा और उसके बाद उत्पादन पर जोर देने का प्रबंधन ने आदेश जारी किया है। तेनुघाट के 10 फाटक खोले गए वहीं, बोकारो के तेनुघाट डैम के 10 गेट और ओडिशा प्रशासन द्वारा खरकई व ब्यांगविल डैम के दो-दो फाटक और चांडिल डैम के 10 रेडियल गेट खोले जाने से खरकई और सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे नदियों के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका है। बरमसिया पुल का बॉक्स धंसा, भारी वाहनों का आवागमन बंद इधर, लगातार बारिश के कारण धनबाद स्थित बरमसिया पुल के एप्रोच रोड का बॉक्स धंस गया। लोगों ने बताया कि भारी बारिश से पुल और एप्रोच रोड के दरार में पानी रिसाव हुआ। इसके कारण पुल और पिलर के बीच का बॉक्स टूट गया। बॉक्स की मिट्टी और मलबा भरभरा कर बाहर आ गया। बॉक्स के ऊपर वाले पुल पर लकड़ी से घेराबंदी कर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया, ताकि उस जगह के पुल पर ज्यादा वजन न पड़े। —————————————– ये भी खबर पढ़िए टाटानगर रेलवे यार्ड में भरा पानी, 25 ट्रेनें रद्द:8 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया, स्थिति सामान्य होने में लगेंगे 24 से 48 घंटे जमशेदपुर में 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश से टाटानगर रेलवे यार्ड में देर रात से भारी जलजमाव हो गया। कई पटरियां पानी में डूब गईं। सिग्नल फेल हो गए। हालात बिगड़ते देख रेलवे ने गुरुवार को टाटानगर होकर चलने वाली 25 ट्रेनों को रद्द कर दिया। आठ ट्रेनों को डायवर्ट किया गया। पढ़िए पूरी खबर…

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