सीहोर में लड़की भगाने के शक में एक युवक को उठाकर उसके साथ मारपीट की। उसके कपड़े उतारे और भरे गांव में उसे घुमाया। आरोपियों ने उसे तब तक पीटा जब तक की वह बेहोश नहीं हो गया। इसके बाद जब उन्हें लगा कि युवक मर गया तो फिर उसे कार से फेंककर भाग गए। मामला बिलकिसगंज थाना क्षेत्र का है। 6 फरवरी को मामला सामने आया। युवक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। गांव का युवक गेहूं के खेत में सिंचाई कर रहे थे। तभी गौतम मेवाड़ा, घीसीलाल मेवाड़ा और भवानी मेवाड़ा वहां पहुंचे। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए अरविंद के हाथ-पैर नायलॉन की रस्सी से बांध दिए। इसी दौरान रोहन मेवाड़ा डंडा लेकर आया और अरविंद के साथ मारपीट शुरू कर दी। कारण पूछने पर कहा कि किसी की बहन बेटी को भगाकर ले जाना क्या होता है, तुझे रास्ते में बताते हैं। मारपीट कर बोलेरो में बैठाकर ले गए
मारपीट के बाद आरोपियों ने युवक को जबरदस्ती एक बोलेरो वाहन में बैठाया। वाहन में पुरूषोत्तम मेवाड़ा सहित अन्य लोग भी मौजूद थे। वे सभी अरविंद को ब्रिजिशनगर ले गए, जहां उन्होंने उसके कपड़े उतार दिए और फिर से बेरहमी से पीटा। आरोपियों ने उसे सड़क पर भी घुमाया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि युवक बेहोश हो गया। आरोपी उसे मृत समझकर मौके पर छोड़कर भाग गए। होश आने पर पीड़ित ने डायल 112 पर कॉल किया। सूचना मिलने पर इछावर और बिलकिसगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया। बिलकिसगंज थाना प्रभारी संदीप मीणा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। शनिवार शाम तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका था, लेकिन पुलिस जल्द ही उन्हें पकड़ने का दावा कर रही है।


