8 टीमें अलग-अलग एंगल से कर रही हैं जाँच राजधानी के धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी स्थित मल्लार कोचा से अपहृत नाबालिग भाई-बहन का सुराग शुक्रवार को भी नहीं मिला। दोनों मासूम बच्चे, अंश और अंशिका, के रहस्यमय तरीके से गायब होने के कुल 8 दिन बीत चुके हैं। दोनों बच्चों को खोज निकालने के लिए राँची पुलिस अपनी पूरी ताकत लगा चुकी है, लेकिन बच्चों का सुराग तक पुलिस को हासिल नहीं हो पाया है। पुलिस की 8 टीमें अलग-अलग एंगल से लगातार जाँच करते हुए अपहृत नाबालिग भाई-बहन तक पहुँचने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। राँची पुलिस की पूरी टेक्निकल टीम नाबालिग भाई-बहन का सुराग ढूँढने में जुटी है। डॉग स्क्वायड को भी लगाया गया है। पुलिस अपहरण की घटना के 8 दिनों बाद अब ड्रोन का भी सहारा ले रही है। शुक्रवार को इसी सिलसिले में मौसीबाड़ी इलाके में ड्रोन उड़ाकर जाँच की गई। हालाँकि, कहीं से कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से झाड़ी के अलावा 10 से ज़्यादा कुएँ व तालाब में छलांग लगाकर भी भाई-बहन की तलाश की, पर हाथ खाली ही रहे। कहीं से कोई सुराग नहीं मिला। देर रात तक पुलिस की टीम मौसीबाड़ी इलाके में जाँच कर रही थी। 2 जनवरी से 7 साल का अंश कुमार 6 साल की बहन अंशिका कुमारी के साथ दुकान गया था। परिजन हताश… माँ हो रही हैं बेसुध
जैसे-जैसे समय बीत रहा है, दोनों मासूमों के परिजन हताश हो रहे हैं। माँ रो-रोकर बेसुध हो चुकी हैं, बार-बार बेहोश हो रही हैं। बस्ती के लोगों का कहना है कि आज तक बच्चों के गायब होने की कोई घटना बस्ती में नहीं हुई है। ऐसा पहली बार हुआ है जब दो मासूम बच्चे रहस्यमय तरीके से गायब हो गए हों। शालीमार बाजार पहुँची पुलिस, दुकानदारों का सत्यापन
पुलिस की एक टीम शुक्रवार को शालीमार बाजार पहुँची जहाँ साप्ताहिक दुकान लगती है। पुलिस की टीम ने एक-एक दुकान संचालकों का सत्यापन किया और पूरी विस्तृत जानकारी जुटाई। सत्यापन के दौरान 15 से ज़्यादा ऐसे दुकानदारों का पता चला है जो इस सप्ताह बाजार नहीं पहुँचे थे। इनमें कुछ लोगों का सत्यापन भी करा लिया गया, लेकिन कहीं से कोई संदिग्ध जानकारी नहीं मिली। अन्य के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। संदिग्ध वैन मालिक से पूछताछ
डॉग स्क्वायड से मिले क्लू के आधार पर पुलिस की टीम वैन जेएच01सीटी 7349 के मालिक रितेश कुमार व उसकी पत्नी और माँ से लगातार पूछताछ कर रही है। हालाँकि, इन लोगों ने अपहृत बच्चा-बच्ची के बारे में किसी प्रकार की जानकारी होने से साफ इनकार किया है। डीजीपी खुद कर रही हैं मॉनिटरिंग
डीजीपी तदाशा मिश्रा पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रही हैं। वह पुलिस अधिकारियों से पल-पल की जानकारी ले रही हैं। एसएसपी के अलावा अन्य पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रही हैं। बच्चों के पोस्टर को राँची पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी डाला है।


