मानसरोवर वीटी रोड पर स्कूल वैन और तेज रफ्तार कार की टक्कर ने कई सवाल खड़े कर दिए। यह सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही की चेन है, जिसमें परिवहन महकमे से लेकर स्कूल, वाहन चालक और यहां तक कि अभिभावक भी कटघरे में खड़े नजर आते हैं। हैरानी की बात यह है कि कार-स्कूल वैन चालक आदतन रूल ब्रेकर हैं। दोनों के नियम तोड़ने के कई चालान हैं, इसके बाजवूद इनको सीज नहीं किया गया। जिस स्कूल वैन से बच्चे सफर कर रहे थे, उसके खिलाफ 2021 से चालान दर्ज हैं। परिवहन विभाग की भी लापरवाही सामने आती है। दोनों के चालान पेंडिंग रहने के बावजूद वाहन सीज क्यों नहीं किए गए? वहीं वैन चालक की भी गंभीर लापरवाही रही। बिना देखे सड़क पार करने के चक्कर में तेज रफ्तार कार के सामने बच्चों को लेकर पहुुंच गया। पैरेंट्स की भी जिम्मेदारी अभिभावक यह तक नहीं जांचते हैं कि जिस बालवाहिनी में वे अपने बच्चों को भेज रहे हैं, वह सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है या नहीं? वैन स्कूल की हो या प्राइवेट-बच्चे तो अपने ही हैं। कार के ओवरस्पीड के 4 चालान हादसे में शामिल वैन नंबर RJ 14 UE 3564 प्राइवेट नंबर की होने के बावजूद बालवाहिनी में संचालित हो रही थी। आरटीओ प्रथम ने इसके तीन चालान किए-एक सीट बेल्ट (11 फरवरी 2022) और 2 प्राइवेट नंबर में कॉमर्शियल उपयोग के, जिनमें पहला 3 सितंबर 2024 और दूसरा 27 जुलाई 2025 का है। सभी चालान पेंडिंग हैं। वहीं टक्कर मारने वाली कार RJ 45 CT 7745 पर ओवरस्पीड के चार चालान दर्ज हैं- 11 मार्च 2023, 2 सितंबर 2024, 4 सितंबर 2025 और 30 अक्टूबर 2025, जिनमें एक चालान जोधपुर कमिश्नरेट का है। सहमें बच्चे… ये हुए घायल: स्कूली बच्चे धैर्य माथुर, ऋषिका जैन, अनन्या शर्मा, शुभ उपाध्याय, अर्थव झा और शिवी माथुर का इलाज चल रहा है जो गंभीर घायल हैं। पुलिस टक्कर मारने वाले चालक की तलाश कर रही है। गाइडलाइन पर सवाल, पर स्कूल की जिम्मेदारी सीबीएसई के सिटी को-ऑर्डिनेटर संजय पाराशर ने बताया कि बाल वाहिनी को लेकर सीबीएसई की स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, लेकिन स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहन पूरी तरह नियमों के अनुरूप हों। यदि कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसकी शिकायत आरटीओ में की जानी चाहिए।


