बालाघाट के शासकीय महाविद्यालय लामता में विद्यार्थियों ने प्राचार्य सुनीता वैद्य को हटाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और छात्र-छात्राओं की शिकायत के बाद एक जांच दल महाविद्यालय पहुंचा। प्राचार्य पर आर्थिक अनियमितता, जातिगत भेदभाव और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच दल में पूर्व पीजी कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव और कन्या महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. निधि ठाकुर शामिल थे। दल ने महाविद्यालय के विभिन्न विभागों, कक्षाओं और उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल की। इस दौरान विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए गए और प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा गया। जांच टीम प्रभारी डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यार्थियों के बयान और प्राचार्य के स्पष्टीकरण के आधार पर एक प्रतिवेदन तैयार किया गया है। यह रिपोर्ट उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय को सौंपी जाएगी, जहां से इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्र नेता प्रतीक चौधरी ने बताया कि प्राचार्या एक विशेष जाति का पक्ष लेती हैं और अन्य जाति के छात्र-छात्राओं के साथ जातिगत भेदभाव करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्या छात्रों को टीसी देने का दबाव बनाती हैं और सीसी में कम नंबर देने की धमकी भी देती हैं। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय में खरीदी को लेकर कई आर्थिक अनियमितताएं की गई हैं, जिससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। महाविद्यालय के छात्रों ने प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने जांच दल के सामने शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशासनिक निर्णयों और महाविद्यालय संचालन से संबंधित कई शिकायतें रखीं। छात्रों ने महाविद्यालय में स्वच्छता, साफ-सफाई और पेयजल की समस्याओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए इन आरोपों के संबंध में महाविद्यालय की प्राचार्या सुनीता वैद्य ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे रखी।


