लारेंस रोड स्थित बिजली पहलवान मंदिर में रविवार को शिव महापुराण कथा का आयोजन किया। वरुण अग्रवाल परिवार की ओर से करवाई कथा के तीसरे दिन ब्यास गद्दी पर विराजमान शुभम तिवारी महाराज वृंदावन वालों ने अपनी कथा से भक्तों को सराबोर किया। शुभम तिवारी ने कथा करते कहा कि भगवान शिव को निंदक सदैव प्रिय होते हैं। निंदक का तात्पर्य नास्तिक व्यक्ति से है जो कहता है कि हम भगवान को नहीं मानते और भगवान की बुराई करता रहता है। वही असली भक्त होता है और वह भगवान को प्रिय होता है। असलियत का जीवन जीना अत्यंत कठिन होता है नकली जीवन तो अधिकांश लोग जीते हैं।
उन्होंने नारद जी की कथा को आगे बढ़ाते कहा कि नारद जी काम पर विजय प्राप्त कर लेते हैं। देव ऋषि नारद देवाधिदेव महादेव के पास जाते हैं शंकर भगवान ने देखा कि देव ऋषि नारद आए हैं तो उन्हें प्रणाम किया। तिवारी ने कहा है कि कोई ऋषि, उपासक और संत आपके घर आए हैं तो उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवमहापुराण कथा को देख लीजिए चौबीस हजार श्लोक की यह कथा है और पूरी कथा में किसी भी देवी, देवता की कहीं भी निंदा नहीं की गई है। इसी दौरान उन्होंने ‘हम तो बाबा के भरोसे चलते हैं, ये दुनिया वाले क्यों जलते हैं’ और ‘इतनी कर दे कृपा मेरे गुरुवर तेरे चरणों में जीवन बिताएं। कथा को आगे बढ़ाते तिवारी ने कहा कि हमें कर्म तो भोगना ही पड़ेगा। इसलिए हम शंकर के हो जाएं और शंकर हमारे हो जाएं। क्योंकि कई भक्त ऐसे हैं जिनमें भगवान समा गए। इसी के साथ दूसरे दिन की कथा का समापन किया गया।


