भास्कर न्यूज | अमृतसर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बड़े साहिबजादे बाबा अजीत सिंह जी, बाबा जुझार सिंह जी और श्री चमकौर साहिब के शहीदों की याद में गुरमत समारोह का आयोजन किया। यह समागम गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में हुआ। श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के उपरांत सचखंड श्री हरमंदर साहिब के हजूरी रागी सुखप्रीत सिंह के जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन किया। इस दौरान अरदास भाई प्रेम सिंह और पावन हुकमनामा श्री मंजी साहिब के कथावाचक भाई हरमित्तर सिंह ने श्रवण करवाया। इसके बाद गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब के मुख्य मंच पर गुरमत समारोह जारी रहा। समागम में श्री दरबार साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह धंगेड़ा, नरिंदर सिंह, अजय सिंह, गुरतिंदरपाल सिंह, बिक्रमजीत सिंह, लाल सिंह, रविंदरजीत सिंह, गुरतिंदरपाल सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी तरफ कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के महान साहिबजादों और श्री चमकौर साहिब के सभी शहीदों को श्रद्धांजलि और सम्मान अर्पित किया है। धामी ने साहिबजादों के जीवन, धर्म के प्रति उनके दृढ़ संकल्प, अपने अधिकारों और सच्चाई के लिए खड़े होने की प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि साहिबजादे सिख धर्म के वह मार्गदर्शक हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही महान उपलब्धियां हासिल कीं। सिख इतिहास का यह पन्ना जहां पूरी कौम के लिए प्रेरणा है। इसके साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के आदेशानुसार दशम पातशाह जी के महान शहीद बाबा अजीत सिंह जी और बाबा जुझार सिंह जी सहित चमकौर युद्ध के सभी शहीदों की याद में श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सुबह 10 बजे दस मिनट तक गुरुमंत्र का जाप किया गया। श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह ने दस मिनट तक संगत को गुरमंतर और मूलमंत्र का जाप कराया।


