नवनीत महोत्सव एवं छप्पन भोग आयोजन को एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रभु श्रीनाथ व लाड़ली नवनीत प्रिया को लाल रंग के बंगले में विराजित किया गया। पुष्टिमार्ग संप्रदाय में इसे लालपटा मनोरथ कहा जाता है। भगवान को सर्दी से बचाने के लिए बंगले को गर्म और रेशमी कपड़ों से सजाया गया, साथ ही फूलों से सजावट की गई। प्रभु श्रीनाथजी को लाल वस्त्र के साथ मानिक एवं मूंगे के आभूषण पहनाकर सिर पर लाल चंद्रिका एवं सुनहरी लूम से श्रृंगार किया गया। मंदिर के मुखिया श्रीकांत शर्मा ने बताया कि ठंड के चलते मोहनथाल, मठरी, बूंदी, बादाम बर्फी, पेठा एवं सोंठ की बनी मिठाईयों का भोग लगाया गया।


