लावारिस वाहन बन रहे बीमारी और ट्रैफिक जाम की वजह, पुलिस , नगर निगम और प्रशासन की टीमें करेंगी सर्वेक्षण

उन्होंने बताया कि शहर की सीमाओं के अंदर बड़ी संख्या में खड़े कंडम और जब्त किए गए वाहनों की मौजूदगी से चुनौतियां पैदा होती हैं। पुराने वाहनों के धुएं से नुकसान और ज्वलनशील पदार्थों के कारण घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में कई गंभीर पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न होती हैं। लावारिस या लंबे समय से खड़े हुए इन वाहनों में पानी जमा हो जाता है, जो मच्छरों और चूहों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है। जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सड़कों के किनारे तथा सार्वजनिक स्थानों पर खड़े वाहन आवागमन में बाधा डालते हैं और शहर की सफाई और सुंदरता को नुकसान पहुंचाते हैं। खराब हालत वाले या पुराने वाहनों से तेल, रसायन और भारी धातुएं लीक होती हैं, जिससे मिट्टी और भूजल प्रदूषित होता है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई मौजूदा कानूनी प्रावधानों पर आधारित है। सभी स्थानांतरित वाहनों को प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण नियमों की सख्त पालना करते हुए केवल अधिकृत वाहन स्क्रैप यार्डों तथा रीसाइकलिंग सुविधाओं में भेजा जाएगा। सभी पहचाने गए वाहनों को टैग लगाए जाएंगे तथा उनकी फोटो खींची जाएगी। वाहनों पर नोटिस लगाए जाएंगे। यदि मालिकाना हक का पता लगाया जा सकेगा तो मालिकों को सूचित किया जाएगा और कानून अनुसार अपने वाहनों का दावा करने का अवसर दिया जाएगा। जब्त किए गए वाहनों को सभी अनिवार्य कानूनी दस्तावेज पूरे करने के बाद ही स्थानांतरित किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी रूप में न्यायिक प्रक्रियाएं प्रभावित न हों। मंत्री ने लोगों से शहर व्यापी सफाई तथा सुरक्षा मुहिम में सहयोग करने की अपील की। वाहन मालिकों से अपील की जाती है कि वह संबंधित पुलिस थानों तथा नगर निगम अधिकारियों से संपर्क करके अपने स्तर पर छोड़े गए वाहनों की स्थिति का पता लगाएं। भास्कर न्यूज | लुधियाना स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने पुलिस थानों और शहर की सीमाओं के अंदर स्थित सरकारी भूमियों पर मौजूद सभी स्क्रैप्ड, लावारिस और जब्त किए गए वाहनों को व्यवस्थित तरीके से हटाने को कहा है। साथ ही इन वाहनों को शहरी क्षेत्रों से बाहर निर्धारित यार्डों में स्थानांतरित करने के लिए निर्देश दिए है। जिसका उद्देश्य लोगों की सुरक्षा, स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के सुचारू उपयोग को और बेहतर बनाना है। मंत्री ने बताया कि पुलिस थानों, ट्रैफिक पुलिस यार्डों, नगर पालिका की भूमियों और शहर की सड़कों के किनारे लंबे समय से खड़े ऐसे सभी वाहनों को 30 दिनों के अंदर शहर की सीमाओं से बाहर स्थित वाहन यार्डों में पहुंचा दिया जाएगे। पुलिस, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों को तुरंत सर्वेक्षण करने, विस्तृत सूची तैयार करने और इस आदेश की समयबद्ध तरीके से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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