दुर्ग जिले के भिलाई में 13 दिसंबर को बोरे में बंद महिला की लाश मिली थी। पुलिस ने हत्या के इस मामले का खुलासा पांच दिन के बाद किया है। महिला का नाम आरती निर्मलकर उर्फ भारती है। महिला की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके लीव इन पार्टनर तुलाराम बंजारे ने ही की थी। पुलिस के अनुसार 5 दिसंबर को ही आरोपी ने अपनी महिला पार्टनर की हत्या की थी। वारदात की शाम दोनों ने शराब पार्टी की। इसके बाद खाना खाया। दोनों नशे में थे, इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोपी ने गुस्से में आकर आरती को थप्पड़ मारा, गला दबाया और उसका सिर दिवार में जोर से टकरा दिया। इससे आरती जमीन पर गिर गई। कपड़े उतारकर चुल्हे में जलाया, फिर पैक किया शव
जमीन पर गिरने के बाद आरती दोबारा उठी ही नहीं। जब यह कंफर्म हो गया कि आरती की मौत हो चुकी है, उसके बाद आरोपी तुलाराम ने आरती के कपड़े को उतारा और उसे चुल्हे में जला दिया। आरती के शव घुटनों से मोड़कर प्लास्टिक के रस्सी के बांध दिया, जिससे आरती का शव छोटा हो गया। फिर जुट व प्लास्टिक की बोरी में शव को सिर व पैर तरफ से डाला। बोरी के उपर काला प्लास्टिक लपेट कर बांध कर शव को पूरह पैक कर दिया। लाश को ठिकाने भाई और ऑटो चालक दोस्त की ली मदद
आरती की हत्या करने के बाद आरोपी तुलाराम ने इसकी जानकारी अपने भाई गोवर्धन प्रसाद बंजारे और दोस्त ऑटो चालक शक्ति भौयर दी। दोनों ने लाश को ठिकाने लगाने में आरोपी की मदद की। आरती की लाश को पैक कर शक्ति की ऑटो में डाला और उसे ठिकाने लगाने के लिए शहर में घूमते रहे। इसके बाद वे चंद्रा-मौर्या अंडर ब्रिज के पास पहुंचे। यहां लोगों की आवाजाही होने की वजह से यहां पर कई घंटो तक वे ऑटो में ही बैठे रहे और लोगों के जाने का इंतजार करते रहे। जब पूरा सन्नाटा हो गया तो फिर तड़के 3 बजे लाश को नाली में रखकर भाग गए। पुलिस ने जारी किया था पहचान, खबर देखकर भेजा था आरोपी को थाने
पुलिस द्वारा महिला की पहचान करने के लिए उसके हाथ में बने टैटू और अन्य पहचान को मीडिया में जारी किया। इसके बाद आरोपी की परिचित महिला सुपेला निवासी अमरौतिन, पति योगेश निर्मलकर ने आरोपी तुलाराम को बताया कि यह आरती की लाश है। तो आरोपी ने बताया कि आरती अपने पिता के पास नागपुर गई है। 17 दिसंबर को अमरौतिन ने पुलिस थाना पहुंचकर महिला की जानकार दी। इसके बाद पुलिस ने लिव इन पार्टनर को हिरासत में लेकर पूछताछ किया। बाद में आरोपी ने अपना गुनाह कबुल कर लिया। दो पति को छोड़ने के बाद लिव इन में थी, सभी के नाम का टैटू हाथ में गुदवाया
पुलिस ने बताया कि महिला शराब-तंबाकू की आदि थी। इससे पहले भी वो दो पति को छोड़ चुकी थी पहले पति का नाम सुरेश और दूसरे का नाम लखन है। दोनों ही पति का मृतिका ने अपने हाथ में टैटू गुदवाया है। पिछले 4-5 महीने आरती तुलाराम के साथ लिव इन रिलेशनशिप में कोसानगर में रह रही थी। शराब पीने की लत से पार्टनर था परेशान
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दोनों पति-पत्नि की तरह रहते थे। आरती शराब की आदि थी। नशे में आरती उर्फ भारती बेकाबू हो जाती थी किसी से भी वाद-विवाद करती थी। कहीं भी, किसी के भी घर सो जाती थी। आस-पास के लोग इसको लेकर शिकायत करते थे। मना करने पर आरती इसी से झगड़ा करती थी। आरोपी पार्टनर जो पैसा कमा कर लाता था वो उसकी जेब से पैसा निकालकर शराब पीने चली जाती थी। जिससें वो काफी परेशान था। 5 दिसंबर को भी विवाद हुआ, जिसके बाद तुलाराम ने उसकी हत्या कर दी। बड़ा सवाल : 8 दिनों तक पड़ा रहा शव, यह कैसे संभव?
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने 5 दिसंबर की शाम महिला की हत्या कर आधी रात को यानी 6 दिसंबर की तड़के को ही महिला के शव को नाली में फेंक दिया था। जिस जगह महिला का शव नाली में पड़ा था वो काफी चहल-पहल वाला इलाका है। आस-पास कुत्तों की संख्या भी काफी ज्यादा है। सुबह-सुबह लोग दौड़ने के लिए वहां से पैदल गुजरते हैं। किसी की भी नजर वहां नहीं पड़ी। यहां पर पास में बड़े दुकान हैं, जहां दिन और रात गार्ड रहते हैं। महिला की शव 13 दिसंबर की को बरामद की गई। इन 8 दिनों में किसी को भी जानकारी नहीं लगी, यह सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है?


