लुधियाना में हलका पश्चिम विधानसभा उप चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हालांकि अभी चुनाव आयोग ने इलेक्शन की डेट फाइनल नहीं की है। राजनीतिक हलकों में डेट जल्द तय होने की चर्चा है। इससे पहले भाजपा के प्रदेश प्रभारी विजय रूपाणी लुधियाना में डट गए हैं। पार्टी के जिला अध्यक्ष सहित वर्करों से हुई मीटिंग में भाजपा ने विधायक का चुनाव लड़ने के लिए चार नामों पर चर्चा की है। बताया जा रहा है कि, चार संभावित उम्मीदवारों में पूर्व विधायक प्रेम मित्तल के बेटे अशोक मित्तल, भाजपा प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता, एडवोकेट बिक्रम सिद्धू और पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों का नाम शामिल है। AAP पहले ही सांसद संजीव अरोड़ा को चुनाव मैदान में उतार चुकी है। बीते दिनों AAP के मनीष सिसोदिया भी लुधियाना में बैठक कर चुनाव के लिए रणनीति बना चुके हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश प्रभारी विजय रूपाणी के साथ हुई मीटिंग में संभावित नामों पर चर्चा हुई है। इन नामों की सूची हाईकमान को भेज दी गई है। फाइनल नाम पर मुहर हाईकमान से ही लगेगी। हाईकमान जिसके नाम पर मुहर लगाएगा, उसका चुनाव में पूरा समर्थन किया जाएगा। भाजपा की सूची में संभावित चार नाम…जानिए इनके बारे में अशोक मित्तल भाजपा के पुराने नेता, पिता के नाम का भी सहारा
अशोक मित्तल भाजपा के पुराने नेता हैं। ये लुधियाना के लोगों के जाने-पहचाने चेहरे हैं। इनके पिता प्रेम मित्तल विधायक रह चुके हैं जिसके चलते इनको राजनीति विरासत में मिली है। कारोबारी होने और राजनीतिक परिवार से होने के चलते शहर के लोगों में अच्छी पैठ है। बड़ी बात ये है कि इनके साथ कोई कन्ट्रोवर्सी भी नहीं जुड़ी है। इनका शहर में ही हौजरी का कारोबार है। जीवन गुप्ता को दो बार महासचिव रहने का फायदा, अभी कोई पद नहीं
जीवन गुप्ता दो बार भाजपा प्रदेश के महासचिव रहे हैं। 20 साल से भाजपा से जुड़े हैं, लेकिन अभी इनके पास कोई पद नहीं हैं। ये भाजपा की राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रहते हैं। फेसबुक पर इनके 105 हजार फॉलोअर्स हैं। सोशल मीडिया पर AAP सरकार की नीतियों की आलोचना करने में आगे रहते हैं। शहर में इनका कार एसेसरीज का बड़ा कारोबार है। इसके अलावा ये पुरानी कारों को खरीदने-बेचने के भी डीलर हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से जुड़े होने के कारण लुधियाना शहर में लोगों में जान-पहचान है। एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू 2022 में 28 हजार वोट लेकर चौंका चुके
एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू लुधियाना जिला कोर्ट में सीनियर वकील हैं। विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा ने इनको लुधियाना पश्चिम सीट से उतारा था। किसान आंदोलन के कारण भाजपा के खिलाफ चल रही लहर के बीच सिद्दू यहां से 28,107 वोट हासिल करने में कामयाब रहे थे। एंटी इनकंबेंसी के बावजूद इतने वोट लेकर सबको चौंका चुके हैं, लेकिन 3 साल से सिद्धू ग्राउंड में नजर नहीं आए हैं। हाल ही में नगर निगम चुनाव में हलका पश्चमी विधानसभा से भाजपा की ओर से उतारे गए पार्षद उम्मीदवारों के प्रचार में भी सिद्धू नहीं पहुंचे थे। सिख चेहरे के कारण पार्टी ने इनके नाम पर भी मंथन किया है। बलविंदर सिंह बेबाक अफसर रहे, कांग्रेस नेता आशु के साथ पंगे में गई नौकरी
बलविंदर सेखों को उनकी बेबाक टिप्पणियों के कारण बड़बोले पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा। सेखों को 31 अगस्त 2021 में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। उनके और तत्कालीन मंत्री आशु के बीच कथित सीएलयू घोटाले को लेकर विवाद हो गया था जिसने पंजाब विधानसभा को भी हिलाकर रखा था। घोटाला पकड़ने पर हुआ तत्कालीन मंत्री और DSP में विवाद 1. ग्रैंड मैनर होम की जांच में पकड़ी धांधली
2017 में पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों नगर निगम लुधियाना में तैनात थे। कांग्रेस सरकार में निकाय मंत्री रहते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने उस समय लुधियाना के सुआ रोड पर बन रहे ग्रैंड मैनर होम की जांच का आदेश दिया। जांच का जिम्मा सेखों को दिया गया। सेखों ने जांच में खुलासा किया कि प्रोजेक्ट में बड़ी धांधली हुई है। इस मामले में सबसे पहले मंत्री भारत भूषण आशु और डीएसपी सेखों के बीच विवाद शुरू हुआ। 2.मंत्री आशु और सेखों की फोन रिकॉर्डिंग चर्चा में रही
एक-दूसरे से उलझते हुए मंत्री भारत भूषण आशु और सेखों की फोन रिकॉर्डिंग भी बाहर आई। इसके बाद मामला पूरी तरह से गरमा गया। आखिरकार पंजाब सरकार ने DSP सेखों को फर्स्ट कमांडेंट बहादुरगढ़ में तैनात कर मामले को शांत कर दिया। मंत्री के साथ विवाद की जांच के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंशन में भी सेखों ने मंत्री आशु पर कई संगीन आरोप लगाए। यहां तक की उनके खिलाफ 1992 में दर्ज एक पुराने मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी। आखिर में पंजाब सरकार ने 31 अगस्त को उन्हें नौकरी से हटा दिया। राहुल गांधी के क्लोज, इसलिए सीधे दिल्ली के संपर्क में
कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे भारत भूषण आशु भी हलका पश्चिम से अपनी टिकट के जुगाड़ में हैं। कांग्रेस के पंजाब प्रधान और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ अंदरखाते इनके संबंध अच्छे नहीं माने जाते। आशु, राहुल गांधी के क्लोज माने जाते हैं और इन दिनों दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। अभी कुछ दिन पहले ही आशु राहुल गांधी से मुलाकात करते नजर आए थे। लोकसभा चुनाव में आशु की कांग्रेस से टिकट पर प्रबल दावेदारी थी, लेकिन वड़िंग ने लुधियाना में एंट्री करके आशु की टिकट काट दी थी। जिस कारण आशु ने भी लोकसभा चुनाव में वड़िंग का खुलकर साथ नहीं दिया था।


