: लुधियाना के मुल्लांपुर दाखा में एक निजी अस्पताल में मरीज के इलाज को लेकर हुए विवाद के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के विरोध में शहर के सभी निजी डॉक्टरों ने एकजुट होकर अपनी ओपीडी सेवाएं बंद रखीं। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ा, जिन्हें इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। विवाद बढ़ने पर अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस घटना से डॉक्टरों में भारी रोष है और चिकित्सा समुदाय में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। डॉक्टर बोले- लगातार घटनाओं से टूट रहा मनोबल डॉक्टरों का कहना है कि वे मरीजों की सेवा को सर्वोपरि मानते हैं, लेकिन अस्पतालों में लगातार हो रही मारपीट और विवाद की घटनाएं चिंता का विषय बन चुकी हैं। इससे न केवल डॉक्टरों का मनोबल प्रभावित हो रहा है, बल्कि मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित हो रही हैं। ओपीडी बंद, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं रहीं चालू विरोध स्वरूप आज सभी निजी डॉक्टरों ने अपनी ओपीडी सेवाएं बंद रखीं। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को इससे अलग रखा गया, इसके बावजूद सामान्य मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीज अस्पतालों के बाहर इलाज का इंतजार करते नजर आए। DSP को सौंपा ज्ञापन डॉक्टरों ने इस मामले में डीएसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और चिकित्सा संस्थानों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में हालात और गंभीर हो सकते हैं। ज्ञापन सौंपने के बाद देर शाम सभी डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दोबारा शुरू कर दीं।


