पंजाब के लुधियाना में जिला पुलिस पिछले साल के 4 बड़े कोल्ड ब्लडड हत्याकांड को सुलझाने में बुरी तरह से फेल साबित हुई है। पुलिस द्वारा हत्याकांडों को जल्द सुलझाने के दावे हवा में दिख रहे है। यदि बात करें इन हत्याओं की तो ये हत्याएं भी बहुत ही क्रुर तरीके से हुई है। जिला पुलिस ने शहर में 3 CIA स्टाफ बनाए है लेकिन अभी तक तीनों CIA स्टाफ इन हत्याओं को सुलझाने में असफल साबित हुए है। कही न कही ये कहना गलत नहीं होगा कि पुलिस ने इन अनट्रेस केसों को अनदेखा ही कर दिया है। निर्मम हत्याओं के मामलों ने शहर को सकते में डाल दिया है और पुलिस जवाबों के लिए जूझ रही है। पीड़ितों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, इसलिए जांच ठप है, जिससे लोगों की सुरक्षा और जांच की दक्षता पर चिंताएं बढ़ रही हैं। अब पढ़े कौन से है कत्लकांड जो पुलिस नहीं सुलझा पाई हाल ही में हुए दो मामले – जिसमें हैबोवाल के प्रेम विहार में एक महिला और उसके 10 वर्षीय बेटे की दोहरी हत्या और नूरवाला की ड्रीम सिटी-2 कॉलोनी के 32 वर्षीय ई-रिक्शा चालक विजय कुमार की हत्या शामिल है, जिसकी 20 दिसंबर को हत्या कर दी गई थी, भी अनसुलझे पड़े हैं। बग्गा कलां हत्याकांड 31 जनवरी, 2024 को लाडोवाल रिंग रोड के पास बग्गा कलां गांव के पास खाली पड़े इलाके में एक अज्ञात महिला का शव मिला था। शव को चादर में लपेटा गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि हत्या से पहले महिला का गर्भपात हुआ था। लाडोवाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। हत्या के 11 महीने बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि महिला की हत्या कहीं और की गई थी और शव को बग्गा कलां के पास फेंक दिया गया था। लाडोवाल थाने की SHO इंस्पेक्टर गुरशिंदर कौर ने बताया कि पुलिस ने अलग-अलग थ्योरी पर काम किया, लेकिन मामला अभी भी अनसुलझा है। पुलिस मामले को सुलझाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। छह टुकड़ों में कटा शव
शेरपुर के लोगों में उस समय दहशत फैल गई जब स्थानीय लोगों ने कम से कम छह टुकड़ों में कटा शव देखा। रोंगटे खड़े कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जिसमें शव के कुछ हिस्से रेलवे ट्रैक पर बिखरे पड़े थे, जबकि धड़ रेलवे ओवरब्रिज पर एक सूटकेस के अंदर था। जांच अधिकारियों को संदेह है कि अपराधियों ने शव को इस तरह से टुकड़े-टुकड़े करने के लिए इलेक्ट्रिक कटर या इसी तरह के किसी उपकरण का इस्तेमाल किया। डिवीजन नंबर 6 पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस शव के टुकड़े जिस बोरी में भरे थे, उसका पता लगाने के लिए बठिंडा पहुंची थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ डिवीजन नंबर 6 थाने में आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की हुई हैं। जेल अधिकारी के परिजन की हत्या का मामला में अनसुलझा
जेल अधिकारी के परिजन की हत्या का मामला अभी भी अनसुलझा लुधियाना सेंट्रल जेल अधिकारी के 90 वर्षीय परिजन की हत्या का मामला पुलिस सुलझाने में विफल रही, जिनकी 12 अप्रैल को जेल परिसर में आवासीय क्वार्टर में जलकर मौत हो गई थी। लुटेरे घर से 1.2 लाख रुपये और कुछ सोने के गहने भी लूट ले गए थे। पीड़ित जमालदीन उस समय घर पर अकेला था, क्योंकि उसका परिवार ईद मनाने के लिए बाहर गया हुआ था। डिवीजन नंबर 7 थाने के एडिशनल एसएचओ सुखविंदर सिंह ने बताया कि मामला अभी भी अनसुलझा है। पेड़ से बंधा शव
अज्ञात व्यक्ति की हत्या के ऐसे ही एक अन्य मामले में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। 14 अगस्त 2024 को काराबारा रोड पर खाली प्लॉट में एक अज्ञात व्यक्ति का अर्धनग्न शव पेड़ पर ट्रक से गर्दन से कपड़े के टुकड़े से बंधा मिला। मृतकों के हाथ मोबाइल फोन चार्जर के तार से बंधे थे। पुलिस ने पुरानी रंजिश मानकर हत्या की जांच की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।


