लुधियाना में डाइंग उद्यमियों का लाइव टेस्ट:बुड्‌ढा दरिया के काले पानी का दिखाया सच, विरोध करने वालों को बताया ब्लैकमेलर

लुधियाना में बुड्‌ढा दरिया के प्रदूषण को लेकर सीधे तौर पर डाइंग उद्यमियों को कसूरवार बताया जा रहा है। डाइंग उद्यमियों ने बुड्‌ढा दरिया के काले पानी का मीडिया के कैमरों के सामने लाइव टेस्ट किया। डाइंग उद्यमियों ने काले पानी का सच दिखाया और जो लोग उनका विरोध कर रहे हैं उन्हें ब्लैकमेलर बताया। बुड्‌ढा दरिया में डाइंग इंडस्ट्री के CETP का पानी मिलने के बाद उद्यमियों ने बुड्‌ढा दरिया में से पानी निकालकर उसे कांच के गिलास में भरा और सब को दिखाया। कांच के ग्लास में पानी पूरी तरह से पारदर्शी दिख रहा था। उद्यमियों का कहना है कि इसका सीओडी व बीओडी लेवल केंद्रीय पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड के मानकों के हिसाब से है। यह किसी भी तरह से हानिकारक नहीं है। बुड्‌ढा दरिया के काले पानी का भी दिखाया सच पंजाब डायर्स एसोसिएशन के डायरेक्टर कमल चौहान बॉबी जिंदल ने अन्य सदस्यों के साथ दिखाया कि बुड्‌ढा दरिया का पानी काला क्यों दिखता है? उन्होंने इसके लिए भी लाइव टेस्ट किया। एक गिलास के पैंदे पर काली टेप लगाई और उसमें पानी भरा। उसके बाद उसे जमीन पर रखा। ऊपर से देखने पर उस गिलास में रखा ट्रांसपेरेंट पानी भी काला दिखने लगा। कमल चौहान व बॉबी जिंदल ने बताया कि बुड्‌ढ़ा दरिया की सतह काले रंग की गार से भरी है। इसलिए यह पानी काला दिख रहा है। उन्होंने कहा कि गिलास में जिसका पैंदा काला है उसमें पानी काला दिख रहा है और जिसका साफ है उसमें पानी क्लियर है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ इंडस्ट्री को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है ताकि ब्लैक मेलर उनसे पैसे वसूल कर सकें। पानी का टीडीएस दिखाया 890 डाइंग उद्यमियों ने बुड्‌ढा दरिया में से निकाले पानी का टीडीएस लेवल भी कैमरों के सामने चेक किया और उसका टीडीएस 890 निकला जबकि बुड्‌ढा दरिया का टीडीएस 2100 तक मान्य है। उन्होंने कहा कि सीओडी व बीओडी लेवल भी मानकों के हिसाब से है। इंडस्ट्री रोजाना आठ से नौ करोड़ लीटर पानी साफ करके डाल रही है। पंजाब के किसी नाले का पानी नहीं है इतना साफ कमल चौहान ने कहा कि उनकी टीम पंजाब के अलग-अलग शहरों में भी नालों का पानी चेक करके आई है। सभी नालों का पानी बुड्‌ढा दरिया से गंदा है। उन्होंने कहा कि उद्यमी भी नहीं चाहते कि दरिया गंदा हो। उन्होंने कहा कि उनकी इंडस्ट्री पानी को पूरी तरह से साफ करके दरिया में डाल रही है। पीपीसीबी की रिपोर्ट का दिया हवाला उद्यमियों ने कहा कि आरोप लगाए जा रहे हैं कि इंडस्ट्री के पानी के कारण लोगों को काला पीलिया हो रहा है। इसके लिए इंडस्ट्री नहीं बल्कि गोबर का पानी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पीपीसीबी की रिपोर्ट में साफ लिखा है कि बुड्ढा दरिया का पानी मछली पालन तक के लिए ठीक है।

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