लुधियाना में पार्षद एक दिन में 3 बार बदली पार्टी:सुबह को कांग्रेस में, दोपहर होती ही AAP में गए, फिर मारी पलटी

लुधियाना में मेयर के जोड़-तोड़ को लेकर लगातार आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों को तोड़ने में जुटी है। आज कांग्रेस के वार्ड नंबर 6 से विजेता पार्षद जगदीश लाल दीशा ने नया ही रिकार्ड बना दिया है। दीशा ने एक दिन में 3 बार पार्टियां बदल दी। सुबह तक दीशा कांग्रेस के सच्चे सिपाही थे। दोपहर होते ही वह आम आदमी पार्टी के सैनिक बन गए। शाम होते ही उन्हें फिर से जिला कांग्रेस के प्रधान ने हाथ पंजा का पटका पहना दिया। पार्टी बदलने का क्रम यहीं पर नहीं रुका। कुछ ही देर बाद वह फिर से आम आदमी पार्टी की झोली में आकर बैठ गए। एक दिन में लगातार तीन बार पार्टियां बदलने से पूरा दिन आज राजनीतिक गलियारों में दीशा की खूब चर्चा रही। दीशा ने कांग्रेस की टिकट पर निकाय चुनाव लड़ा था। दीशा ने आम आदमी पार्टी के महिंदर भट्टी को 1381 वोट से हराया था। जगदीश लाल दीशा बोले…
दीशा ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस के किसी भी सीनियर नेता ने साथ नहीं दिया था। जिला कांग्रेस प्रधान संजय तलवाड़ पर दीशा ने आरोप लगाया कि मेरे चुनाव में किसी ने प्रचार तक नहीं किया। आज शाम को मेरे घर जिला कांग्रेस प्रधान संजय तलवाड़ आए थे। राजनीति से हट कर वह मेरे बड़े भाई है। उन्होंने मेरे गले में कांग्रेस का पटका डाल दिया, लेकिन जैसे ही आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों को इस बात का पता चला तो शाम को फिर से मंत्री लालजीत भुल्लर व अन्य मेरे घर आए और मुझे फिर से आप का पटका पहना दिया। दीशा ने मीडिया से कहा कि वह अब आम आदमी पार्टी के ही सिपाही रहेंगे। जिला कांग्रेस प्रधान तलवाड़ बोले जिला कांग्रेस प्रधान संजय तलवाड़ ने कहा कि मैं जगदीश लाल के घर आज 3 घंटे रहा हूं। उसने खुद कहा था कि मेरा परिवार हमेशा कांग्रेसी परिवार रहेगा। जब मैंने आम आदमी पार्टी का पटका गले में पहना तो मेरे आंसू तक निकल आए थे। दीशा की बहु ने भी कहा कि था हम हमेशा कांग्रेसी परिवार ही रहेंगे। तलवाड़ ने कहा कि आज आम आदमी पार्टी के हालात यह बन गए है कि एक मंत्री को पार्षद का दल बदलवाने के लिए तीन विधायकों के साथ शहर की गलियों में घुमना पड़ रहा है। आप सरकार खुद को अन्य पार्टियों से अलग कहती थी, लेकिन आज आप का असल चेहरा लोगों के बीच आ गया है। वहीं जगदीश लाल दीशा के वार्ड निवासी भी कह रहे हैं कि हमने वोट हाथ पंजे को डाला था दीशा को नहीं। आज दीशा ने लोगों का विश्वास भी तोड़ा है।

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