भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का असर लुधियाना के उद्योग जगत पर दिखने लगा है। पाकिस्तान द्वारा पंजाब के विभिन्न जिलों में किए गए हमलों के बाद से प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्यों को लौटने लगे हैं। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर मजदूरों की भीड़ जुटी है। कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले राम बाबू, अजय, अबुल, जमरूल और नरोत्तम ने बताया कि उनके परिवार वालों के लगातार फोन आ रहे हैं। परिजन उन्हें वापस बुला रहे हैं। दूसरे प्रदेशों के लोगों पर निर्भर उद्योग लुधियाना का होजरी और टेक्सटाइल उद्योग मुख्य रूप से बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के मजदूरों पर निर्भर है। कारोबारी अनुज, केशव, राजेश कुमार, साहिल और अमन कुमार के अनुसार बाजार पहले से ही मंदी की मार झेल रहा है। गर्मियों के सीजन में काम बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन मजदूरों के पलायन से उद्योगपतियों की चिंता बढ़ गई है। डीसी ने मजदूरों और उद्योगपतियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। मजदूरों से शहर न छोड़ने की अपील की गई है। डीसी की अपील, शहर छोड़कर ना भागे डीसी हिमांशु जैन ने वीडियो जारी कर लुधियाना की लेबर से अपील की है कि वह किसी तरह से घबराहट में ना आए और ना ही पेनिक लें। उन्हें शहर छोड़कर जाने की जरूरत नही है। लुधियाना में माहौल बिल्कुल शांत है और कारोबारी भी लेबर का ध्यान रखें। शनिवार-रविवार को भी खुलेंगे सरकारी कार्यालय डीसी हिमांशु जैन ने बताया कि जिला लुधियाना के सारे सरकारी कार्यालय शनिवार व रविवार को दिनभर खुले रहेंगे और लोग अपने कामकाज करवा सकेंगे। डीसी ने कह कि कोई भी अफसर मुख्य सचिव पंजाब की इजाजत के बिना अपना स्टेशन छोड़कर नहीं जा सकेगा, वरना सख्त कार्रवाई होगी।


