लुधियाना में तहसील के चपरासी को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में आदेश की कॉपी आज यानी शुक्रवार को सामने आई है। दरअसल खन्ना तहसील में एक कांग्रेसी नेता की जमीन की रजिस्ट्री में देरी का मामला सामने आया है। सभी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं की गई। इस मामले की शिकायत चीफ सेक्रेटरी तक पहुंची। मामले में इंद्रजीत सिंह नाम के व्यक्ति ने 9 कनाल 12 मरले जमीन की सेल डीड को 19 अगस्त को ऑनलाइन जमा किया था। नियम के अनुसार 20 अगस्त शाम 5 बजे तक या तो मंजूरी मिलनी थी या फिर आपत्ति के साथ वापस होनी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर रिश्वत की मांग
शिकायतकर्ता के मुताबिक, कांग्रेसी नेता को अमेरिका जाना था। इसलिए उन्होंने प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया था। तहसील में पूछताछ पर तहसीलदार किरणदीप कौर ने गिरदावरी रिपोर्ट का हवाला देते हुए आपत्ति जताई। बाद में एक सेवादार ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर रिश्वत की मांग की। उसने कहा कि तहसीलदार रजिस्ट्री के लिए तैयार हैं, अगर उन्हें अच्छी रिश्वत दी जाए। इस पर शिकायतकर्ता ने चीफ सेक्रेटरी को शिकायत कर दी। डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन ने 25 अगस्त को कार्रवाई करते हुए सेवादार करणवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया। पूरा मामला जांच के अधीन-तहसीलदार
उसका मुख्यालय एसडीएम दफ्तर जगराओं निर्धारित किया गया है। इस घटना के बाद तहसील खन्ना में हलचल मच गई है। शिकायत और सस्पेंशन आदेश की प्रति मीडिया के पास पहुंच गई है, लेकिन कोई भी अधिकारी या शिकायतकर्ता मीडिया से बात करने को तैयार नहीं है। उधर, तहसीलदार किरणदीप कौर ने कहा कि पूरा मामला जांच के अधीन है। वे इस बारे में कुछ भी नहीं कर सकतीं। जब उनसे सेवादार करणवीर सिंह की सस्पेंशन को लेकर पूछा गया कि क्या यह सस्पेंशन इसी शिकायत के आधार पर हुई है या फिर किसी अन्य मामले में है तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और सिर्फ यही कहा कि मामला जांच अधीन है। उनके नाम पर रिश्वत मांगने को लेकर भी तहसीलदार ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।


