पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति के विरोध में राजनीतिक दलों और किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, संयुक्त किसान मोर्चा और जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने अलग-अलग कार्यक्रमों की घोषणा की है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग 14 जुलाई को ग्लाडा कार्यालय का घेराव करेंगे। शिरोमणि अकाली दल 15 जुलाई को लुधियाना में प्रदर्शन करेगा। संयुक्त किसान मोर्चा 20 जुलाई को मुल्लांपुर दाखा में सभा आयोजित करेगा। जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने जगराओं के मलक चौक पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और विधायक सर्वजीत कौर माणूके का पुतला जलाने का निर्णय लिया है। कांग्रेस ने किया नीति को रद्द करने का वादा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखपाल खैहरा और जगतार सिंह जग्गा सहित कांग्रेस नेताओं ने विरोध में एकजुटता दिखाई। कांग्रेस ने सत्ता में आने पर इस नीति को रद्द करने का वादा किया है। विरोध प्रदर्शन में दाखा के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली, पूर्व विधायक एस.आर. कलेर, तरसेम जोधां और अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया। जमीन बचाओ संघर्ष समिति के दीदार सिंह मलक, गुरविंदर सिंह पोना और अन्य नेताओं ने रोष प्रदर्शन का नेतृत्व किया। AAP नेताओं के प्रवेश पर रोक लगाने का आह्वान संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यह आंदोलन तीन कृषि कानूनों के विरोध की तरह बड़ा रूप ले सकता है। सभी विरोधी दलों ने गांवों में आम आदमी पार्टी के नेताओं के प्रवेश पर रोक लगाने का आह्वान किया है। प्रदर्शन में ये सभी रहे मौजूद प्रदर्शन में कैप्टन संदीप संधू, मेजर सिंह भैनी, करनजीत सिंह सोनी गालिब, इंजीनियर जगदीप सिंह, सुखविंदर सिंह सिद्धू, पूर्व चेयरमैन सतिंदरपाल सिंह काका ग्रेवाल, जतिंदरपाल राणा, रविंदरपाल राजू कामरेड, राजेश्वर सिद्धू, हरप्रीत धालीवाल, नवदीप ग्रेवाल, सुखविंदर सिंह, पार्षद मेशी सहोता, बॉबी कपूर समेत अन्य मौजूद रहे।


