लोन की करीब 4 लाख 45 हजार की राशि की लूट की वारदात को फाइनेंस कर्मियों ने ही अंजाम दिया था। पुलिस ने 4 महीने बाद इस वारदात का खुलासा किया है। दोनों फील्ड मैनेजर ने अपने 3 साथियों के साथ मिलकर लूट की प्लानिंग की थी। इससे पहले रिहर्सल भी किया ताकि वारदात एकदम असली लगे। वहीं लूट के लिए उस जगह को चुना जहां आसपास कोई CCTV कैमरा न हो। मामला अजमेर के नसीराबाद थाना इलाके का है। लूट में काम में ली गई बाइक को भी बरामद कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। बंदूक की नोक पर लूट की रिपोर्ट दी थी पुलिस के अनुसार, 13 अगस्त को रविन्द्र सिंह राठौड़ ने मुकदमा दर्ज करवाया कि वह और सुभाष कुमार अडाना दोनों ही भारत फाइनेंस इंक्लूजन लिमिटेड में फील्ड मैनेजर पोस्ट पर काम करते हैं। गत 12 अगस्त को दोनों सुबह 7:30 बजे ऑफिस से निकले और 8 बजे नसीराबाद पहुंचे। वहां पर कलेक्शन ले कर शाम तक फ्री हुए तो 3:30 बजे तक अपनी अलग-अलग बाइक पर सवार होकर अजमेर के लिए निकले। पीछे से 2 बाइक सवार व्यक्ति आए और गन लगाकर दोनों के बैग कलेक्शन के करीब 3 लाख 25 हजार रुपए और टैबलेट को बैग के समेत छीन कर ले गए। रिपोर्ट में बताया कि दोनों आगे पीछे चल रहे थे। दोनों के पास अलग-अलग कैश थी। वारदात से पहले रिहर्सल भी की थी इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुकदमा दर्ज कराने वाले की भूमिका संदिग्ध लगी। पूछताछ की तो पता चला कि दोस्तों ने अपनी मौज मस्ती व महंगे महंगे शौक पूरे करने के लिए अपने दोस्त सुमित गुर्जर, नितिन गुर्जर उर्फ दादा और सदाम खान के साथ मिलकर अपनी ब्रांच पर बैठकर कर लूट की झूठी कहानी बनाई। पूछताछ में सामने आया कि 11 अगस्त की रात दोनों ने अपने-अपने मोबाइल को बंद कर ब्रांच पर ही रख दिए थे। इसके बाद मौके पर जाकर लूट की रिहर्सल की। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज से बचने की पूरी योजना बनाई। रविन्द्र व सुभाष दोनों ने राखी का त्योहार होने के कारण कंपनी का डबल कलेक्शन के 3 लाख 25 हजार रुपए लेकर नसीराबाद से अपनी ब्रांच अजमेर ले जाने के दौरान रास्ते में बीर घाटी में अन्य दोस्त को पैसे का भरा हुआ बैग दे दिया था। इनको किया गिरफ्तार


