लेडी टीचर से MSc टॉपर सहेली ने भी किया फ्रॉड:सोने का लॉकेट रखकर फर्जी स्क्रीनशॉट भेजा था, पुलिस ने भेजा जेल

मऊगंज में 6 जनवरी को साइबर फ्रॉड के चंगुल में फंसकर जान गंवाने वाली लेडी टीचर के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने लेडी टीचर रेशमा पांडे की 22 वर्षीय सहेली आंचल तिवारी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को उसे जेल भेज दिया। उसने भी लेडी टीचर को ठगा था। दरअसल, लेडी टीचर ने उसे क्यूआर कोड देकर 5500 रुपए ठगों के अकाउंट में डालने के लिए कहा था। इसके एवज में सोने का लॉकेट दिया था। आंचल ने रुपए तो नहीं भेजे, लेकिन रुपए भेजने का फर्जी स्क्रीनशॉट उसे दे दिया और लॉकेट अपने पास रख लिया। जब रुपए नहीं पहुंचे तो ठगों ने 5 जनवरी को रेशमा को पुलिस से गिरफ्तार करवाने की धमकी भरे कई वीडियो भेजे। घबराकर टीचर ने जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने आंचल से लॉकेट बरामद कर लिया है। लेडी टीचर ने कर लिया था सुसाइड मऊगंज में साइबर जालसाजों से परेशान होकर 6 जनवरी को रेशमा ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया था। रेशमा को बदमाशों ने पुराने सिक्के बेचने के बदले एक करोड़ 75 लाख रुपए देने का झांसा दिया था। रेशमा ने 22 हजार रुपए जमा किए। जब और पैसा देने से मना किया तो आरोपियों ने जेल भेजने की धमकी दी थी। इस मामले में पुलिस ने बुधवार को आरोपी साहिल खान (22), मुनफेद खान (20) और फरदीन खान (25) को राजस्थान में अलवर (रामगढ़) से गिरफ्तार किया था। मुनफेद और फरदीन भाई हैं। एसपी रसना ठाकुर के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ में आंचल तिवारी ने यह बताया… एडिट कर फर्जी ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट भेजा ‘मैं मऊगंज न्यू आदर्श पब्लिक स्कूल में टीचर हूं। रेशमा की बेटी नारायणी उर्फ महक और बेटे शिवेश उर्फ कान्हा को ट्यूशन पढ़ाती थी। इस दौरान रेशमा से जान पहचान बढ़ गई। मैं उन्हें भाभी बोलती थीं। हालांकि सालभर से ट्यूशन नहीं पढ़ा रही थी, लेकिन भाभी रेशमा से अकसर फोन पर बात होती थी। उनके घर भी आना-जाना रहता था। रेशमा के भेजे स्कैनर पर 2 जनवरी, 3 जनवरी और 4 जनवरी को दोस्त अरविंद सिंह परिहार उर्फ छोटू सिंह से रुपए भिजवाए थे। मैंने रेशमा को बताया था कि भाभी ये फ्रॉड नंबर है। 5 जनवरी को फिर भाभी के पास फोन आया, जिसमें पैसे डालने की बात की गई, लेकिन भाभी के पास पैसे नहीं थे। उन्होंने अपने गले का लॉकेट मुझे बेचने को कहा। मैंने उसकी कीमत 11 हजार रुपए बताई। इस पर भाभी ने एक स्कैनर देते हुए मुझे 5500 रुपए भेजने को कहा। मैंने उसी दिन एक ट्रांजैक्शन एडिट कर रुपए भेजने का फर्जी स्क्रीनशॉट ले लिया। बाकी के रुपए भाभी के कहने पर उनके बच्चे शिवेश उर्फ कान्हा को दे दिए। बाद में फर्जी स्कैनर अपने मोबाइल से डिलीट कर दिया। इस दौरान साइबर ठगों के फोन आते गए, तब भाभी ने जहर खा लिया। जब मुझे इसकी जानकारी लगी तो उनकी बेटी नारायणी के सामने ही रेशमा भाभी के मोबाइल से फर्जी 5500 रुपए का स्क्रीनशॉट डिलीट कर दिया। रात में पता चला कि उनकी मौत हो गई।’ (पुलिस ने 14 जनवरी को आंचल को पूछताछ के लिए बुलाया। उसने गुनाह कबूल कर लिया।) पहले पूछताछ में कुछ नहीं बताया पुलिस का कहना है कि घटना वाले दिन से लेकर 13 जनवरी तक आंचल से कई बार पूछताछ की गई, लेकिन उसने घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। उसने सिर्फ मदद करने की बात कही। तीनों आरोपियों के पकड़े जाने के दौरान परिवार वालों ने आंचल पर भी आरोप लगाया था। इसके बाद सख्ती से पूछताछ की गई। एमएससी टॉपर है आंचल पुलिस के मुताबिक, वॉर्ड नंबर 12 में रहने वाली आंचल तिवारी एमएससी टॉपर है। वह निजी स्कूल में प्राइवेट टीचर है। आंचल ने ही रेशमा को मोबाइल चलाना सिखाया था। पुलिस का कहना है कि रेशमा आंचल पर अंधा विश्वास करती थी। आंचल ने इसी का फायदा उठाया। पुराने सिक्के के बदले पौने दो करोड़ का दिया था लालच पुलिस के मुताबिक, रेशमा ने मोबाइल पर पुराने सिक्के के बारे में विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के साथ दी गई लिंक पर रजिस्ट्रेशन कर दिया। कुछ दिन बाद अनजान नंबर से फोन आया। कॉलर ने सिक्कों के बारे में बात की और उनके फोटो भेजने को कहा। रेश्मा ने फोटो भेज दिए। इसके बाद फिर फोन आया कि आपका रजिस्ट्रेशन भी सही है। आपके पास जो सिक्के हैं, वो भी असली हैं। आपको सिक्कों के बदले एक करोड़ 75 लाख रुपए मिलेंगे। परिजन के मुताबिक इसके बाद रेशमा के पास कई बार कॉल आए। वह अपराधियों के झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर करती गई। उन्होंने धीरे-धीरे 22 से 25 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। जब वे और रुपए मांगने लगे, रेशमा ने कहा कि पैसे नहीं दे पाऊंगी। उन्होंने मजबूरी भी बताई। इसके बाद बदमाश धमकी भरे मैसेज और वीडियो भेजने लगे। उन्होंने कहा कि पैसा नहीं दोगी तो रुपए नहीं मिलेंगे। आपको 50 हजार रुपए का जुर्माना अलग से देना होगा। दो साल की सजा भी होगी। इसके बाद वह इतना ज्यादा डर गई कि सुसाइड जैसा कदम उठा लिया। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पौने दो करोड़ कमाकर सरप्राइज देना चाहती थी टीचर मऊगंज में साइबर जालसाजों के जाल में फंसकर 6 जनवरी को जान गंवाने वाली टीचर रेशमा पांडे (35) का बुधवार को तीज कर्म हो गया। परिवार वाले सदमे में हैं। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि घर की सबसे समझदार महिला आत्महत्या जैसा कदम उठा सकती है। बच्चों को तो लगता है कि मां स्कूल गई हैं, शाम होने से पहले आ जाएंगी। पढ़ें पूरी खबर MP की टीचर से फ्रॉड करने वाले राजस्थान से गिरफ्तार मध्यप्रदेश के मऊगंज में जिन साइबर अपराधियों से परेशान होकर लेडी टीचर ने सुसाइड कर लिया था, उन आरोपियों को पुलिस ने राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खेत में रहकर ऑनलाइन फ्रॉड का गैंग ऑपरेट कर रहे थे। पढ़ें पूरी खबर

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