रांची|हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन ने शनिवार को केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए लेबर कोड संशोधनों पर कड़ी आपत्ति जताई। यूनियन का कहना है कि बदलाव श्रमिकों की सुरक्षा, अधिकारों और संगठनात्मक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकते हैं तथा इन्हें बिना व्यापक चर्चा के लागू किया जा रहा है। सभा में महामंत्री लीलाधर सिंह ने कहा कि श्रमिक लंबे समय से सुरक्षित कार्य-स्थितियों और मजबूत सामाजिक सुरक्षा की अपेक्षा रखते आए हैं, लेकिन नए प्रावधान काम के घंटों में बढ़ोतरी, सुरक्षा मानकों में कमी और यूनियन अधिकारों पर प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सुधार से पहले श्रमिक संगठनों से औपचारिक संवाद आवश्यक है। यूनियन की चार प्रमुख मांगों में लेबर सुधारों से पहले श्रमिक संगठनों से पारदर्शी चर्चा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और वेतन संबंधी प्रावधान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों, यूनियन अधिकारों को कमजोर करने के बजाय सशक्त बनाया जाए, सभी सुधारों का केंद्र श्रमिकों के हित और सुरक्षा को बनाया जाए शामिल हैं।


