लेबर रूम में रजिस्टर मेनटेन नहीं, एनआरसी के किचन से मेनू गायब

भास्कर न्यूज |​ धमतरी धमतरी का जिला अस्पताल पहली बार एनक्यूएएस मूल्यांकन में शामिल हुआ है। इसका मूल्यांकन 30 जनवरी से शुरू हो गया। मूल्यांकन 2 दिनों तक होगा। राष्ट्रीय स्तरीय दो सदस्यीय टीम 2 दिनों तक धमतरी में रहकर मूल्यांकन करेंगी। पहले दिन लेबर रूम और एनआरसी का मूल्यांकन किया। सुबह 11 बजे से मूल्यांकन शुरू होगा। भोपाल से पहुंचे प्रतीक मोदी और मुंबई की डॉ. जीसा कुमारन ने एनआरसी और लेबर रूम का बारीकी से मूल्यांकन किया। दोनों ने पहले ओपीडी में जाकर भ्रमण किया। इसके बाद मूल्यांकन शुरू किया। मूल्यांकन के दौरान प्रतीक मोदी एनआरसी पहुंचे। यहां के किचन में पहुंचे, तब वहां मेनू चार्ट के बारे में पूछा। बच्चों को दिए जाने वाले भोजन का मेनू चार्ट नहीं था, जिसे किचन में ही रखने कहा गया। फ्रीज में रखे सामान, रेक में रखे हुए समानों की जानकारी ली। वार्ड में भर्ती दो बच्चों के परिजनों से बात की। वार्ड के बिस्तर में बिछे बेड शीट बदलने के बारे में पूछा। कहा कि बेड में मरीज नहीं है, बेड शीट बदला जाता है, इस पर स्टाफ ने प्रतिदिन बदलने की जानकारी दी। भोजन के बारे में फीडबैक की जानकारी ली। इस पर मूल्यांकन टीम ने कहा कि मरीज के भर्ती होने के दूसरे दिन ही फीडबैक फार्म भरा जाना चाहिए, ताकि सुधार हो सके। छुट्टी के बाद फीडबैक फार्म भराने से क्या मतलब होगा। मरीज तो चला जाएगा। दीवारों में टंगे तस्वीरों से नाखुश हुए। उन्होंने कुछ पढ़ाई व लोगों को उपयोग जानकारी वाली तस्वीर लगाने की बात कही। जिला अस्पताल सलाहकार गिरीश कश्यप ने कहा कि दो सदस्यीय टीम मूल्यांकन कर रही है। मूल्यांकन के बाद इसकी ऑनलाइन एंट्री टीम द्वारा की जाएगी। 70 प्रतिशत से अधिक अंक आने पर पुरस्कार दिया जाएगा। प्रति बेड 10 हजार रुपए पुरस्कार दिए जाएंगे। करीब 20 लाख रुपए तक पुरस्कार मिल सकता है। दो सदस्यीय टीम जिला अस्पताल धमतरी के 8 वार्डों का मूल्यांकन करेगी। पहले दिन एनआरसी और लेबर रूम का मूल्यांकन किया गया। 31 जनवरी को 6 वार्डों का मूल्यांकन करेंगी। ब्लड बैंक, ओपीडी, एसएनसीयू, मैटरनिटी ओटी, रेडियोलॉजिस्ट, सामान्य प्रशासन का मूल्यांकन होगा। मुंबई की डॉ. जीसा कुमारन ने लेबर रूम पहुंचकर व्यवस्था देखी। टीम के पहुंचने से पहले रूम में नीला कारपेट बिछा दिया था। स्टाफ का काम कमरे से बाहर शुरू हो गया। इसके पूर्व एक छोटे से कमरे में स्टाफ काम करते थे। पीएनसी वार्ड में महिलाओं से अस्पताल की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इस दौरान गार्ड से ड्यूटी रजिस्टर दिखाने कहा। 2 पेज में ही एंट्री थी, बाकी पेज फटा हुआ था।

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