बैकुंठपुर | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपना 140वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें आज़ादी के आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक कांग्रेस के योगदान पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में लोकतंत्र, संविधान और जनहित के मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की सशक्त विचारधारा है। वर्तमान समय में देश का संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाएं गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही हैं। आम जनता के अधिकारों में कटौती हो रही है, वहीं जल, जंगल और जमीन पर संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने हसदेव के जंगलों की कटाई और अरावली पर्वतमाला के दोहन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पर्यावरण और आदिवासी जीवनशैली को नुकसान पहुंच रहा है। वक्ताओं ने बताया कि कांग्रेस ने वर्ष 1931 में मौलिक अधिकारों का जो प्रारूप प्रस्तुत किया था, वही आगे चलकर भारतीय संविधान की आधारशिला बना। डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में आरटीआई, आरटीई, मनरेगा, खाद्य सुरक्षा कानून, वन अधिकार कानून और भूमि अधिग्रहण जैसे ऐतिहासिक कानून बने, जिनकी सराहना देश-विदेश में हुई।


