भास्कर न्यूज | अमृतसर शनिवार को लगाई गई लोक अदालत में आए 35316 केसों में से 25956 केसों का निपटारा किया गया। लोक अदालत में जिला कोर्ट के साथ तहसील अजनाला और बाबा बकाला साहिब में 26 बैंच बनाए गए थे। चैक बाउंस, बैंक रिकवरी, जमीनी विवाद, घरेलू झगड़ों और अन्य मामले निपटाए गए। 18 बैंच सिटी कोर्ट, एक बैंच स्थाई लोक अदालत, एक बैंच लेबर कोर्ट, 4 बैंच अजनाला और 2 बैंच बाबा बकाला साहिब तहसीलों में लगाए गए। पुलिस की ओर से भी महिला काउंिसलिंग सैलों में परिवारिक झगड़ों के निपटारे के लिए लोक अदालत बैंच लगाए गए। सिटी कोर्ट में एक 2 साल पुराना केस आया। जिसमें घरेलू झगड़े को लेकर दंपती तलाक के लिए आमने-सामने बैठे थे। उनके साथ 4 साल का छोटा बच्चा भी था। पति ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना बात के घर में झगड़ा करती रहती है। इसके अलावा उसकी पत्नी ने तकिये से उसके मुंह को दबाकर जान से मारने की कोशिश की है, लेकिन वह बच गया। वह जज के समक्ष तलाक की गुहार लगा रहा था। पत्नी अपने 4 साल के बच्चे की भविष्य को लेकर पति और ससुराल परिवार के माफी मांग रही थी और दोबारा घर में झगड़ा न करने की भरोसा दे रही थी। जज ने दोनों पति-पत्नी को बच्चे को देख खुद का घर दोबारा बसाने के बारे में प्रेरित किया लेकिन पति नहीं माना। जिसके बाद आधा घंटा समझाने के बाद जज ने उन्हें सोचने के लिए कहते हुए अगली तारीख दे दी। पीड़ित महिला मनजीत कौर ने बताया कि उसके ऊपर झूठा आरोप लगाया गया है, लेकिन वह अपना घर बसाना चाहती है, इसलिए वह माफ मांग रही है। इसके अलावा 4 साल से चल रहे 2 गुटों की आपसी झगड़े को 3.70 लाख में जज सुपरीत कौर की ओर से राजीनामा करवाया गया। एक 70 लाख रुपए चैक बाउंस का मामला सामने आया, जो जज गगनदीप ने 30 लाख रुपए में दोनों गुटों की आपसी रजामंदी के साथ मामले को सुलझाया। इस दौरान माननीय जिला और सेशन जज अमरिंदर सिंह ग्रेवाल ने लोगों को बताया कि लोक अदालत में दोनों गुटों का राजीनामा के तहत फैसला करवाया जाता है। लोक अदालतों के जरिए सस्ता और जल्द इंसाफ मिलता है। लोक अदालत के फैसले की कोई अपील नहीं होती है।


