ज्योतिष में भय नहीं, बल्कि विवेक और जिम्मेदारी आवश्यक है। यह बात भोपाल में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन के शुभारंभ समारोह में ज्योतिषियों और विद्वानों ने कही। ज्योतिष के सामाजिक दायित्व पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि ज्योतिष का उपयोग लोगों को डराने के बजाय उन्हें विवेकपूर्ण और सकारात्मक दिशा देने के लिए होना चाहिए। दरअसल, ज्योतिष पत्रिका जीवन वैभव के प्रकाशन के 40 वर्ष पूर्ण होने पर संपादक डॉ. हेमचंद्र पांडेय ने शनिवार से दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया है। कैरियर कॉलेज सभागृह में आयोजित उद्घाटन सत्र में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग मुख्य अतिथि रहे, जबकि दैनिक भास्कर समूह के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल विशेष अतिथि रहे। इस मौके पर मंत्री सारंग ने कहा कि ज्योतिष केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में राजनेताओं को भी मार्गदर्शन देता है। भास्कर समूह के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ज्योतिष को अंधविश्वास की श्रेणी में रखती है। ऐसे में ज्योतिषियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने आचरण और कार्यप्रणाली से यह सिद्ध करें कि ज्योतिष एक व्यवस्थित और वैज्ञानिक सोच पर आधारित विद्या है। यदि ज्योतिषी सही दिशा देने की भूमिका निभाएं, तो समाज में इसका सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा। ज्योतिष के सामाजिक दायित्व पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में पूर्व पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला, अनुपम शुक्ला, आनंद वरनंदानी, पं. जगदीश शर्मा, प्रकाश बरतूनिया, पं. विनोद गौतम, ज्योतिषाचार्य प्रीति वाघमारे, न्यूसी समैया, विद्या भूषण सिंह, श्वेता विजयवर्गीय एवं डॉ. शैलजा श्रीवास्तव, सुरेश गौड़ सुमेरपुर उपस्थित रहे। संचालन डॉ. निशा शर्मा और एचएन राव ने किया।


