क्राइम रिपोर्टर| रांची रिम्स की लगभग 5 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए हाईकोर्ट से अल्टीमेटम मिलने के बाद गुरुवार को रिम्स प्रबंधन ने माइकिंग कर 22 से ज्यादा घरों के बाहर नोटिस चिपकाया है। डीआईजी मैदान और खिजुरिया टोली के पास बने घरों को अतिक्रमण बताते हुए हटाने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। इसकी जानकारी मिलते ही काफी संख्या में स्थानीय लोग एक जगह जमा हो गए। इसके बाद नोटिस साटने पहुंचे लोगों से जब ऐसा करने का कारण पूछना चाहा तो जमीन का अतिक्रमण कर घर बने होने की बात कही गई। लोगों ने जब जमीन के कागजात दिखाना चाहा तो रिम्स प्रबंधन से बात करने की सलाह देते हुए तुंरत सभी गाड़ी में सवार होकर वहां से आगे बढ़ गए। स्थानीय लोगों ने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए कहा है कि वे सभी 35-40 साल पहले जमीन खरीद कर घर बनाए हैं। रैयतों से कागजात दिखाए जाने के बाद ही जिंदगी की पूरी कमाई लगाकर जमीन लिए और घर बनाए। अब अचानक से रिम्स प्रबंधन सभी को अतिक्रमणकारी बताकर घर खाली करने का फरमान सुना रहा है। स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि उनके पास भी पूरे कागजात हैं, लेकिन किसी ने नहीं देखा। इधर, 11 रैयतों ने देर शाम स्थानीय लोगों के साथ डीआईजी मैदान में बैठक की। रैयतों का कहना है कि हाईकोर्ट के समक्ष अपनी बात रखेंगे और जमीन के कागजात भी प्रस्तुत करेंगे। ठेले-खोमचे वालों पर हाईकोर्ट के आदेश का नहीं दिखा असर हाईकोर्ट द्वारा 72 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद भी रिम्स-कोकर रोड में ट्रॉमा सेंटर के पास अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों पर कोई खास असर नहीं दिखा। सड़क किनारे लगभग एक किलोमीटर तक अतिक्रमण कर गुरुवार को भी दुकान सजे थे। दुकानों के बाहर काफी भीड़ थी। हालांकि माइकिंग कर वहां से दुकान हटाने का आदेश भी दिया दिया, लेकिन सभी ने नजरअंदाज कर दिया। ^35 साल पहले जमीन खरीदकर घर बनाए। इसके बाद से किसी ने कुछ नहीं कहा। कभी नोटिस नहीं मिला। अचानक से घर खाली करने का फरमान जारी कर दिया गया है। अब घर-परिवार लेकर कहां जाएं। – सीमा देवी, खिजुरिया टोली ^हमारे पास वर्ष 1965 में खरीदी गई जमीन के पूरे कागजात हैं। म्यूटेशन की कॉपी भी है। अमीन बोल रहा है कि रिम्स से बात कीजिए और रिम्स प्रबंधन बोल रहा है कि अमीन से बात कीजिए। हम सभी कोर्ट जाएंगे। – खुशबू सिंह, डीआईजी ग्राउंड निवासी


