बांसवाड़ा में क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण लिमिटेड कंपनी की सज्जनगढ़ शाखा में ग्रामीण महिलाओं के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। महिलाओं से लोन की किश्तें वसूल कर कंपनी के खाते में जमा करने के बजाय शाखा प्रबंधक समेत चार कर्मचारियों ने मिलीभगत कर 3 लाख 16 हजार 596 रुपए का गबन कर लिया। मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया, जहां जेल भेज दिया गया। एरिया मैनेजर की रिपोर्ट पर खुला मामला पुलिस के अनुसार, कंपनी के एरिया मैनेजर शोखाराम ने 5 नवंबर को सज्जनगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि शाखा प्रबंधक और केंद्र प्रबंधकों ने ग्रामीण महिलाओं से वसूली गई लोन की किश्तों की राशि को कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया और उसे अपने निजी उपयोग में ले लिया। SP-ASP के निर्देश पर बनी विशेष टीम मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह भाटी के निर्देश पर थानाधिकारी धनपत सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने बैंक रिकॉर्ड, वसूली रजिस्टर और खातों की गहन जांच की, जिसमें गबन की पुष्टि हुई। मैनेजर से लेकर फील्ड स्टाफ तक शामिल पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटाने के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सभी ने मिलकर सुनियोजित तरीके से गबन की राशि को आपस में बांट लिया। BNS की धाराओं में मामला दर्ज, सभी जेल भेजे सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इनकी रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में थानाधिकारी धनपत सिंह के साथ एएसआई जगदीश प्रसाद, कॉन्स्टेबल जयन्तिलाल, सुभाष और कल्पेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


