विक्की कुमार | अमृतसर शहर के लोहगढ़ गेट के नजदीक स्थित हिंदुस्तानी बस्ती में एक ऐसा स्कूल है, जो 10 साल से जंज घर के अंदर ही चल रहा है। जंज घर में सत्संग भी होता है और इलाका निवासियों के कभी-कभार शादी व अन्य समारोह भी होते हैं। ऐसे में स्कूल के बड़े बच्चों को घर भेज कर छोटे बच्चों की कक्षाएं उसी समारोह में लगानी पड़ जाती है। वहीं इसके साथ स्कूल में न टॉयलेट है और न ही बिजली का मीटर लगा है। जंजघर के हॉल में नर्सरी से 5वीं कक्षा के 40 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल इंचार्ज को मिलाकर 2 टीचर्स टीचर्स बच्चों को पढ़ा रहे हैं। स्कूल की मुख्य अध्यापक दलजीत कौर का कहना है कि वैसे यह स्कूल सन 1972 में चल रहा है। इससे पहले हिंदुस्तानी बस्ती की गली नंबर 6 की एक धर्मशाला में चल रहा था। वहां लोगों की दखलअंदाजी के कारण इस स्कूल को वहां से वर्ष 2015 में जंज घर में शिफ्ट करवाया गया है। इलाके के ही प्रधान संजीव कुमार की दखलअंदाजी के कारण जंज घर में यह स्कूल लगाया गया है। शुरुआती समय में तो इस स्कूल में सिर्फ 9 बच्चे थे, लेकिन अब 40 बच्चे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल को शिफ्ट करने के लिए पिछले तीन साल से जद्दोजहद चल रही है। चार से पांच बार विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। स्कूल की मुख्य अध्यापक दलजीत कौर का कहना है कि इस स्कूल को वर्ष 2018 में स्मार्ट स्कूल का दर्जा दिया गया था। यानि स्मार्ट स्कूल के तहत 1.58 लाख रुपए की ग्रांट राशि इस स्कूल के पास आई थी। इस राशि से स्कूल को पेंट करवाया गया। स्कूल में शैड और मैथ पार्क बनवाया गया। लेकिन अब न तो शैड किसी काम आ रहा है और न ही मैथ पार्क बचा है। पार्क की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि अब वहां पर कोई बच्चा खेल नहीं पाता। कुछ महीने पहले उक्त पार्क में विधायक की तरफ से झूले आदि लगवाए गए थे, लेकिन आज यह झूले भी टूट चुके है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के डीईओ (एलीमेंट्री) कंवलजीत सिंह संधू का कहना है कि मामला उनके ध्यान में है। इस संबंधी फाइल उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। आस-पास के इलाके में कुछ जगह देखी गई है, जल्द ही उन जगहों का चयन करने के बाद इस स्कूल को वहां पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।


