पंजाब में लोहड़ी के मौके पर पतंग उड़ाने वालों और आयोजनों की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार लोहड़ी पर बारिश की कोई संभावना नहीं है। विभाग का कहना है कि प्रदेश में 15 या 16 जनवरी के बाद ही बारिश होने के आसार बन रहे हैं। पिछले कई सालों से लोहड़ी के दौरान मौसम पतंगबाजी और सार्वजनिक आयोजनों में बाधा बनता रहा है। खासतौर पर पिछले 2 सालों में कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई थी, जिससे त्योहार का उत्साह प्रभावित हुआ। इस बार मौसम साफ रहने से लोगों में खासा उत्साह है। हालांकि मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 13 और 14 जनवरी को धुंध का असर ज्यादा रहेगा। शनिवार को उधर, प्रदेश के 10 जिलों में घना कोहरा, 5 जिलों में शीतलहर और 6 जिलों में कोल्ड डे रहने रहा। माघी पर्व और राजनीतिक आयोजनों को राहत
14 जनवरी को माघ के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री मुक्तसर साहिब समेत अन्य प्रमुख गुरुद्वारों में स्नान के लिए पहुंचते हैं। इसी दिन माघी मेला और राजनीतिक कॉन्फ्रेंस भी होती है। इस दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ राजनीतिक दलों को भी राहत मिलेगी और रैलियां बिना रुकावट हो सकेंगी। प्रदेश में इस समय ठंड का असर बरकरार
पंजाब में शनिवार को औसत अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय उत्तर पाकिस्तान और पास के पंजाब इलाके में ऊपर हवा में एक सिस्टम बना हुआ है। यह करीब 3 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर है, जिसकी वजह से मौसम में बदलाव हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार की तुलना में प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। फिलहाल तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। पिछले सालों की तुलना में ठंड कम
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले दस सालों के मौसम को देखें, तो उस हिसाब से इस बार अभी तक सर्दी नहीं पड़ी है। साल 2013 में कुछ जगहों पर तापमान -3°C तक गिरा (ऑलटाइम लो के करीब)। जबकि साल 2014 से 2017 में सामान्य से थोड़ी ज्यादा ठंड थी। न्यूनतम तापमान ज्यादातर 5-10°C के बीच रहा। लेकिन कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं। 2018 में भीषण ठंड रही। इस दौरान अमृतसर में 1.2°C, बठिंडा में 3.5°C तापमान दर्ज किया गया। इस दौरान अमृतसर शिमला से ठंडा हो गया था। जबकि 2019 से 2020 में औसत ठंड रही। कोल्ड वेव कुछ स्पेल में चली। लेकिन हल्की थी। जबकि 2021 में सामान्य से ज्यादा ठंड थी।


