जयपुर में वनकर्मियों की पिटाई से आहत युवक ने सुसाइड कर लिया। गुरुवार शाम वनक्षेत्र में बकरियां चराने गए युवक को वनकर्मियों ने कपड़ा उतरवाकर पीटा। 2200 रुपए का चालान काट दिया। पीड़ित युवक शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने भी सुनवाई नहीं की। इसके बाद थाने से लौटते समय युवक ने रास्ते में पेड़ से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सूचना मिलते ही गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने देर रात वनक्षेत्र के रेंज ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ की। वन कर्मियों ने भागकर जान बचाई। दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीण रायसर वन रेंज ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ हैं। शुक्रवार दोपहर ग्रामीणों ने रायसर थाने पर पथराव कर दिया, पुलिस ने उग्र भीड़ को हल्का बल प्रयोग करके और आंसूगैस के गोले दागकर तितर-बितर किया। घटना जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के रायसर इलाके की है। पुलिस ने बताया कि रायसर के कुशलपुरा गांव के रहने वाले विक्रम (26) ने देर रात सुसाइड कर लिया। वह बकरी चराता था। गुरुवार शाम को उसकी बकरियां चरते हुए वनक्षेत्र में पहुंच गई थीं। इस पर दो वनकर्मियों ने विक्रम को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट। विक्रम को वन रेंज ऑफिस ले गए और कपड़े उतरवाकर पीटा। परिजनों को फोन करके बकरी चराने पर चालान काटने की बात कही। दो बकरियां के 1100-1100 रुपए के चालान काटकर रसीद दे दी। थाने से करीब 1 किलोमीटर दूर पेड़ पर सुसाइड किया आरोप है कि वनकर्मियों के खिलाफ मारपीट की शिकायत लेकर विक्रम रायसर थाने गया। वनकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की गुहार लगाई। पुलिस ने बिना कार्रवाई उसे भेज दिया। डिप्रेशन में आए विक्रम ने थाने से करीब 1 किलोमीटर दूर एक पेड़ से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पेड़ से शव लटके होने की सूचना पर रायसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आनन-फानन में शव को नीचे उतारा और निम्स हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। ग्रामीण रेंज ऑफिस के बाहर इकट्ठा हो गए सुसाइड का पता चलने पर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों ग्रामीण रायसर वन रेंज ऑफिस के बाहर इकट्ठा हो गए। देर रात करीब 11 बजे ग्रामीण धरने पर बैठ गए। गुस्साए ग्रामीणों ने ऑफिस में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। घबराए वनकर्मी वहां से भाग निकले। कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों को भी मौके से हटना पड़ा। बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर पूर्व विधायक गोपाल मीना और DFO भी पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत की। हालांकि वार्ता विफल रही, परिजन और ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। ग्रामीणों ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस ने आंसूगैस के गोले दागकर ग्रामीणों को खदेड़ा शुक्रवार दोपहर करीब 12:45 बजे जमावारामगढ़ विधायक महेन्द्रपाल मीना वन विभाग के गेट पर चल रहे धरने में पहुंचे। विधायक वहां से रायसर थाने में पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने चले गए। आधे घंटे तक वापस नहीं लौटे। इस पर ग्रामीण भी धरनास्थल से उठकर थाने पहुंच गए। दोपहर करीब 2:30 बजे उग्र ग्रामीण थाने के अंदर घुसकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने ग्रामीणों को काबू करने का प्रयास किया। हालत बिगड़ते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर और आंसू गैस के गोल दाग करके ग्रामीणों को तितर-बितर किया। पुलिस ने हंगामा कर रहे 4-5 लोगों को हिरासत में भी लिया है।


