बोकारो जिले के तेतुलिया मौजा में 103 एकड़ वनभूमि घोटाले में सीआईडी के हाथों गिरफ्तार राजवीर कंस्ट्रक्शन के निदेशक पुनीत अग्रवाल की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर बुधवार को सीआईडी कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने केस डायरी की मांग की। साथ ही अगली सुनवाई की तारीख 26 जुलाई निर्धारित की है। सीआईडी ने 14 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में है। उसने गिरफ्तारी के अगले दिन 15 जुलाई को ही जमानत की गुहार लगाते हुए याचिका दाखिल की है। पुनीत अग्रवाल ने उमायुष नाम की कंपनी के खाते में 3.40 करोड़ रुपए ट्रांसफर किया था। इसके बाद इस राशि से सरकारी जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई थी। बता दें कि सीआईडी बोकारो के सेक्टर 12 थाना में दर्ज कांड संख्या 32/2024 को टेकओवर कर जांच कर रही है। मामले में ईडी की भी एंट्री हो गई है। ईडी इस केस में सीआईडी के हाथों गिरफ्तार होने के बाद जेल भेजे गए तीसरे आरोपी पुनीत अग्रवाल से भी पूछताछ करेगी। पुनीत अग्रवाल से पूछताछ के लिए ईडी रांची स्थित पीएमएलए कोर्ट से अनुमति लेगा। वन भूमि घोटाले के इस मामले में 18 मार्च 2024 को बोकारो के सेक्टर-12 थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसी प्राथमिकी को टेकओवर कर सीआईडी जांच कर रही है और ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग के बिंदु पर इस केस को देख रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद इजहार हुसैन व अख्तर हुसैन से पूछताछ की। दोनों ने ईडी ने उक्त जमीन के बारे में पूछा कि उसे कब और किसने बेचा। दोनों से 2021 में उमायुष को 10.3 करोड़ रुपये में उक्त विवादित जमीन बेचने के बारे में भी ईडी ने सवाल किए। हालांकि दोनों ने ईडी को उक्त जमीन बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी। दोनों ही आरोपी बोकारो के तेतुलिया मौजा में वन भूमि की 107 एकड़ जमीन को फर्जी कागजात पर बेचने के आरोप में न्यायिक हिरासत में है। झारखंड पुलिस की सीआईडी ने गत 12 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सीआईडी भी उक्त केस की जांच कर रही है।


