बयाना तहसील के डांग क्षेत्र की आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के 20 गांवों के ग्रामीणों ने उनके इलाके को बन्ध बारैठा वन्य जीव अभ्यारण्य से बाहर निकालने की मांग की है। इसे लेकर लोक देवता के स्थान बाजना चौक पर ग्रामीणों की पंचायत हुई। पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग द्वारा अभ्यारण क्षेत्र होने की आड़ में उनकी दैनिक गतिविधियों में बाधा डाली जा रही है। सूचना पर बाद में तहसीलदार विनोद कुमार मीणा और नायब तहसीलदार वैशाली धाकड़ सहित गढ़ी बाजना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या सुनकर उसका समाधान कराए जाने के लिए उच्च अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाने का भरोसा दिलाया। मांग पूरी नहीं होने पर 10 दिन के बाद जिला कलेक्ट्रेट भरतपुर पहुंचकर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। पंचायत में बनैसिंह, बच्चू सिंह, रनवीर, अमर सिंह, लटूरी और सत्यवीर जघीना मौजूद रहे। गांव के दबंग चला रहे अवैध खान लट्ठ के बल पर खनन करने की दी खुली चुनौती: पंचायत में पहुंचे युवा गुर्जर नेता प्रहलाद खटाना ने भड़काऊ भाषण भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण मिलकर कलेक्टर के पास चलो। अगर नहीं मानते हैं तो एक हाथ में लट्ठ व हथियार और दूसरे हाथ में हथौड़ा लेकर खुलेआम खनन करो। किसी में दम हो तो रोक कर दिखाएं। पड़ताल में सामने आया कि कुछ नेता किस्म के दबंग लोग फॉरेस्ट एरिया में अवैध खान चलाकर वन संपदा के रूप में सैंड स्टोन और बजरी का खनन करते हैं। अवैध खनन रोकने के विभाग के उच्च अधिकारियों के सख्त निर्देश हैं। वन विभाग रोजाना फॉरेस्ट एरिया में गैर वानिकी गतिविधियों पर कार्रवाई कर रहा है। इससे सेंचुरी एरिया में अवैध खनन का कारोबार बन्द होता जा रहा है। गत 21 दिसंबर को कुछ दबंग किस्म के ग्रामीणों ने फॉरेस्ट एरिया में पौधारोपण के काम में लगी एक एलएनटी मशीन को जबरन ले जाने का प्रयास किया था। सूचना पर वन विभाग और गढ़ी बाजना थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। जहां अवैध खान चला रहे कुछ ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस की टीमों पर पथराव भी कर दिया था। इस घटना को लेकर वन विभाग की ओर से मामला दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। “ग्रामीण फॉरेस्ट एरिया से अपने इलाके को बाहर कराये जाने की मांग कर रहे हैं। फॉरेस्ट एरिया से डी- नोटिफाई करने का कार्य राज्य सरकार के स्तर से ही संभव है।” -विनोद कुमार मीणा, तहसीलदार, बयाना “उच्च अधिकारियों ने अवैध खनन पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के निर्देश दिए हुए हैं। इसके साथ ही विभाग की ओर से कराए जा रहे पौधरोपण को बचाने के लिए भी सख्ती बरतने के निर्देश हैं। ” -रूपेंद्र शर्मा, रेंजर, बंध बारैठा वन्य जीव अभ्यारण्य रेंज


