भास्कर न्यूज | दुर्गूकोंदल ग्राम आमाकडा में वन भूमि पट्टे के वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम शिकायत पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने कहा ग्राम की शासकीय वन भूमि, खसरा नंबर 162 और 168 के रकबे पर वर्षों से निवासरत सभी कब्जाधारियों को पट्टा प्रदान नहीं किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार दो व्यक्तियों जैन सिंह उसारे पिता सदेसिंह उसारे और देवानंद पिता रजऊ राम को वन भूमि का पट्टा प्रदान किया गया है, जबकि इसी भूमि पर वर्षों से निवासरत अन्य कब्जाधारियों जैसे शिवकुमार यादव, कुम्हार राम, गोकुल निषाद, जैन सिंह निषाद, तुलसीराम और घनश्याम को पट्टा देने से वंचित कर दिया गया है। ग्रामीण शिवकुमार यादव ने कहा हम सभी एक ही गांव के निवासी हैं और समान भूमि पर वर्षों से निवास कर रहे हैं। लेकिन पट्टे की प्रक्रिया में भेदभाव किया गया है। यह हमारे साथ अन्यायपूर्ण है। वहीं तुलसीराम ने कहा वन भूमि पट्टा के लिए उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया, जबकि अन्य को पट्टा दिया गया। ग्रामीणों ने कलेक्टर से अपील की है कि इस मामले की समीक्षा की जाए और सभी पात्र कब्जाधारियों को समान रूप से वन भूमि का पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने संबंधित राजस्व अधिकारी, हल्का पटवारी और वन समिति को निर्देशित करने की मांग की है, ताकि इस भेदभाव को समाप्त किया जा सके।


