भास्कर न्यूज | गढ़वा स्थानीय जीएन कान्वेंट स्कूल में भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आधारित गुप्त मतदान द्वारा बाल सांसदों का चुनाव हर्षोल्लास व उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए निदेशक एम पी केशरी ने कहा कि बाल संसद संसद का ही एक छोटा रूप है। जिसे विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित किया जाता है। इसे एक ऐसा माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। जिससे विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक गुणों के साथ-साथ प्रेम, त्याग, सहानुभूति, करुणा, दया, परोपकार आदि भाव का विकास हो सके। यह एक ऐसा मंच है। जिसमें विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय प्रबंधन व संचालन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से सहभाग करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को संविधान की कार्यप्रणाली अपने अधिकार निर्णय लेने की क्षमता का विकास व कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना है। बाल संसद के माध्यम से विद्यार्थियों द्वारा अपने विद्यालय में स्वच्छता कार्यक्रम, पर्यावरण गतिविधियों व बहु सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे विभिन्न सामाजिक व शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। छात्र-छात्राएं अपने उत्तरदायित्व का बोध प्राप्त करते हैं। भारतीय परिदृश्य में बाल संसद का ही प्रतिबिंब है। जिस तरह से संसद के सदस्य होते हैं। उसी प्रकार बाल संसद के भी सदस्य होते हैं। जिसमें कुछ विशिष्ट पदाधिकारी के पद होते हैं।


