आम और लीची का नया पौधा लगाने के लिए करें गहरे गड्ढे

डॉ. अशोक कुमार कृषि वैज्ञानिक विज्ञान केंद्र गढ़वा आप खेती-किसानी से जुड़े किस विषय पर जानकारी चाहते हैं, वॉट्सएप नंबर 9204596515 पर सिर्फ मैसेज करें। गढ़वा |कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि ग्रीष्मकालीन मक्का यदि घुटने की अवस्था में है तो प्रति एकड़ 25 से 30 किलोग्राम यूरिया डालकर मिट्टी चढ़ावें। छोटे पौधों में तना छेदक व बाली लगने की अवस्था वाले फसल में सैनिक किट का आक्रमण हो सकता है, जिसके लिए फिपरोनिल 1 मिली लीटर प्रति लीटर पानी की दर से घोलकर छिड़काव करें। उच्च तापमान के कारण आम की पत्तियां गिरने लगते हैं। जिसके समाधान हेतु 2 ग्राम पोटेशियम सल्फेट प्रति लीटर पानी में घोलकर पत्तियों पर छिड़काव करें। मूंग, भिंडी, मिर्च, टमाटर व बोदी में कोंकड़ी या पत्ता पीला होने वाला बीमारी का शुरुआत होने पर इमिडाक्लोप्रिड 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर 10 दिन के अंतराल पर 2 से 3 छिड़काव करें। आम व लीची का नया फल लगाने के लिए डेढ़ फीट चौड़ा व डेढ़ फीट गहरा गड्ढे की खुदाई करें। जबकि आंवला, अमरुद व नींबू कुल के फलों के लिए एक वर्ग फुट के गढ्ढों का निर्माण करें। गढ्ढों को 20 से 25 दिन तक खुला छोड़े जिससे उसमें अच्छी तरह धूप लग सके। उन्होंने कहा कि मौसम पूर्वानुमान अनुसार आज एवं कल कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की-फुल्की वर्षा हो सकती है।।इसके बाद पूरे सप्ताह मौसम लगभग साफ रहेगा एवं हवा की गति सामान्य रहने की संभावना है। तापमान में वृद्धि के साथ गर्मी बढ़ने की पूरी संभावना है। दिन का तापमान जहां 39 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का पूर्वानुमान है। वहीं रात का 25 से 29 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।

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