वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान के खैबर प्रांत के बाजौर जिले में धमाका, असिस्टेंट कमिश्नर सहित 5 की मौत

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में बुधवार को बम धमाका हुआ। डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें एक असिस्टेंट कमिश्नर सहित पांच लोगों की मौत हो गई है। 11 लोग घायल हैं। बाजौर जिला की पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने सिद्दीकाबाद रेलवे अटैक एरिया में नवागई रोड पर एक सरकारी गाड़ी को निशाना बनाया था। मरने वाले 5 लोगों में दो पुलिसकर्मियों और एक नागरिक शामिल हैं। विस्फोट इतना जोरदार था कि गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इससे पहले 28 जून को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में एक आत्मघाती हमले में 13 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। जबकि 10 सैनिक और 19 नागरिक घायल हो गए। हमलावर ने विस्फोटकों से लदी गाड़ी सैन्य काफिले में घुसा दी थी। खैबर पख्तूनख्वा में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने AFP को बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि दो घरों की छतें गिर गईं, जिससे छह बच्चे घायल हो गए। इस बम विस्फोट की जिम्मेदारी पाकिस्तान-तालिबान (TTP) से जुड़े हाफिज गुल बहादुर ग्रुप ने ली थी। खैबर प्रांत को TTP का गढ़ माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…. ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों के बाद IAEA के साथ परमाणु निगरानी सहयोग निलंबित किया ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियन ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ ईरान का सहयोग रोकने का आदेश दिया है। उन्होंने यह आदेश ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर अमेरिकी हमलों के बाद दिया है। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि राष्ट्रपति का यह आदेश ऑनलाइन जारी किया गया। दरअसल, कुछ समय पहले ईरानी संसद ने एक कानून पारित किया था जिसमें IAEA के साथ सहयोग निलंबित करने की बात कही गई थी। इस कानून को ईरान की संवैधानिक निगरानी संस्था से भी मंजूरी मिल गई थी। अब राष्ट्रपति के आदेश से साफ है कि इस कानून को लागू किया जाएगा। IAEA लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नजर रखे हुए है, लेकिन उसने इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ट्रम्प ने जापान पर 35% टैरिफ लगाने की धमकी दी, अमेरिका से चावल न खरीदने पर भी नाराजगी जताई थी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी दी है कि अगर अगले हफ्ते तक अमेरिका और जापान के बीच कोई व्यापार समझौता नहीं होता है, तो वे जापान से आने वाले सामान पर 30% या 35% तक का भारी टैक्स (टैरिफ) लगा देंगे। ट्रम्प इससे पहले भी 2 अप्रैल को जापान पर 24% टैरिफ लगा चुके हैं। उस वक्त उन्होंने कई देशों पर भी भारी टैक्स लगाने का ऐलान किया था, लेकिन बाद में उन्होंने 90 दिनों के लिए टैरिफ घटाकर 10% कर दिया था ताकि देश बातचीत कर सकें। यह 90 दिनों की समय-सीमा 9 जुलाई को खत्म हो रही है और ट्रम्प ने साफ कहा है कि वे इसे आगे बढ़ाने के मूड में नहीं हैं। ट्रम्प को शक है कि जापान के साथ कोई समझौता हो पाएगा। उन्होंने मंगलवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा कि उनकी जापान से बात हुई है लेकिन उन्हें नहीं लगता कि कोई सौदा होगा। जापान ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अभी अमेरिका, जापान के ज्यादातर सामान पर 10% टैक्स लगा रहा है। जापानी कारों और उनके पुर्जों पर 25% और स्टील-एल्युमीनियम पर 50% का टैक्स भी है। जापान के चीफ कैबिनेट सचिव ने कहा है कि वे ऐसा कोई समझौता नहीं करेंगे जिससे उनके किसानों को नुकसान हो। ट्रम्प ने खास तौर पर जापान के अमेरिकी चावल न खरीदने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जापान के पास चावल की कमी है लेकिन फिर भी वे अमेरिका से चावल नहीं लेते। ट्रम्प का दावा था कि इस 90 दिनों की मोहलत में वे 90 देशों से व्यापार समझौते कर लेंगे, लेकिन अब तक केवल ब्रिटेन से ही समझौता हो पाया है। नेपाल में मानसूनी आपदाओं से 31 की मौत, 151 घायल नेपाल में मानसून शुरू होने के बाद पिछले एक महीने में बाढ़, भूस्खलन, आंधी और बिजली गिरने जैसी आपदाओं में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 151 लोग घायल हुए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण (NDRRMA) ने बताया कि 28 मई से 30 जून के बीच पूरे देश में मानसून से जुड़ी 682 घटनाएं हुईं। बिजली गिरने से आठ लोगों की, आग लगने से तीन लोगों की, जानवरों के हमले से आठ लोगों की और सांप के काटने से दो लोगों की मौत हुई है। एक शख्स लापता भी है। इसके अलावा आंधी और भारी बारिश से भी एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। इन आपदाओं में 222 जानवरों की भी जान चली गई और करीब 33 करोड़ नेपाली रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन और बाढ़ से 97 घर टूट गए और 1,026 परिवार प्रभावित हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 21 हजार का परफ्यूम लॉन्च किया, कहा- यह जीत की निशानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी नई परफ्यूम शुरू की है। इसका नाम ‘विक्ट्री 45-47’ है, जो उनके 45वें और 47वें राष्ट्रपति कार्यकाल को दिखाता है। महिला और पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग परफ्यूम लॉन्च की गई है। ट्रम्प ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर लिखा- ये परफ्यूम जीत, ताकत और सफलता के लिए हैं। प्रोडक्ट्स स्टाइलिश डिब्बों में हैं। पुरुषों का डिब्बा काला और सुनहरा है, जबकि महिलाओं का लाल। परफ्यूम की बोतलें ट्रम्प की छोटी मूर्तियों जैसी हैं। इनकी कीमत लगभग 249 डॉलर (लगभग 21 हजार रुपए) है। कुछ लोगों ने इसकी तारीफ की है। कुछ इसकी आलोचना भी कर रहे हैं। सीनेटर मार्क वार्नर ने कहा, “ट्रम्प खुलेआम अपने फायदे के लिए पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।” वहीं, सीनेटर पीटर वेल्च ने कहा कि जब उनकी पार्टी 1.7 करोड़ लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए काम कर रही है, तब ट्रम्प परफ्यूम बेच रहे हैं। इससे पहले भी ट्रम्प ने फरवरी में जूते लॉन्च किए थे। उनकी कंपनी मोबाइल सर्विस और स्मार्टफोन भी बेच रही है।
जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क मेयर प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल की, 56% वोट मिले न्यूयॉर्क शहर के मेयर के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में जोहरान ममदानी ने बड़ी जीत हासिल की। वह क्वींस के स्टेट असेंबलीमैन हैं। मंगलवार को न्यूयॉर्क शहर के चुनाव बोर्ड ने रैंक-चॉइस वोटिंग के नतीजे जारी किए। ममदानी को 56% वोट मिले, जबकि पूर्व गवर्नर एंड्रयू क्यूमो को 44% वोट मिले। अंतिम नतीजे जुलाई तक आएंगे। 33 साल के ममदानी अब नवंबर में होने वाले मुख्य चुनाव में हिस्सा लेंगे। उनका मुकाबला मेयर एरिक एडम्स, रिपब्लिकन कैंडिडेट कर्टिस स्लिवा और इंडिपेंडेंट कैंडिडेट जिम वाल्डेन से होगा। एडम्स डेमोक्रेट हैं, लेकिन उन्होंने प्राइमरी में हिस्सा नहीं लिया और इंडिपेंडेंट के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। क्यूमो भी इंडिपेंडेंट के तौर पर चल रहे हैं, लेकिन उन्होंने अभी फैसला नहीं किया कि वह कैंपेन जारी रखेंगे या नहीं। न्यूयॉर्क में डेमोक्रेट्स की संख्या रिपब्लिकन्स से छह गुना ज्यादा है, इसलिए ममदानी को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। ममदानी ने कहा, “5 लाख से ज्यादा न्यूयॉर्कर्स के समर्थन से मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह न्यूयॉर्क को सस्ता बनाने की हमारी शुरुआत है।” क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव शुरू किया, चीन के दबदबे को कम करना मकसद क्वाड देश अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान ने मिलकर मंगलवार को एक खास खनिज पहल शुरू की। इसका नाम ‘क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव’ है। इस पहल की शुरुआत मिनरल्स के क्षेत्र में चीन के दबदबे को कम करने के लिए हुई है। चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने वॉशिंगटन में बैठक की। बातचीत के बाद एक संयुक्त बयान में, देशों के विदेश मंत्रियों ने इनिशिएटिव शुरू करने की बात कही। जिसे विदेश मंत्रियों ने मिनरल्स को सुरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए अहम बताया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्वाड देशों को महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया और कहा कि अब कई खास मुद्दों पर कार्रवाई करने का समय आ गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… ————————— 1 जुलाई के अपडेट्स यहां पढ़ें…

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