राज्य से टीबी को खत्म करने के लिए महाअभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2025 में टीबी के 8138 मरीजों की पहचान का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें इन तीन महीनों में 1386 की पहचान कर ली गई है। टीबी संक्रमित बीमारी है, छुपाने के बजाय सामने आकर इलाज कराएं, इसके लिए सरकार ने मिलने वाली पोषण सहायता राशि भी बढ़ दी है। पूर्व में यह राशि प्रति मरीज इलाज अवधि तक 500 रुपए दिए जाते थे, इसे बढ़ाकर 1000 रु. कर दिया गया है। नवंबर 2024 से बढ़ी राशि मिलनी भी शुरू हो गई है। टीबी के मामलों की बात करें तो राजधानी रांची में पिछले एक साल में (जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक) कुल 25,479 संदिग्ध लोगों की जांच की गई। इनमें 6971 लोगों में टीबी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इन 6971 संक्रमितों में पब्लिक सेक्टर से जांच में 3051 और प्राइवेट जांच से 3920 की पहचान हुई है। इलाज की बात करें तो इनमें 4265 संक्रमितों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया। 30 अगस्त, 2024 से जारी है एडल्ट बीसीजी टीकाकरण… टीबी को जड़ से मिटाने के लिए झारखंड की राजधानी में 30 अगस्त 2024 से एडल्ट बीसीजी वैक्सीनेशन की शुरुआत की गई। एडल्ट बीसीजी के लिए जिले की कुल आबादी में से 20% को ही टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कुल आबादी 22,93,245 है, इनमें करीब 4,58,649 लोगों को टीका लगाना है। जिले की टीम ने सात माह में यानी सितंबर 2024 से मार्च 2025 तक करीब 30 हजार लोगों को एडल्ट बीसीजी का टीका लगा दिया है। रांची में अप्रैल से शुरू की जाएगी सीवाई-टीबी टेस्ट सिविल सर्जन के अनुसार, टीबी उन्मूलन के लिए जांच सबसे जरूरी है। इसके लिए अप्रैल से रांची में सीवाई-टीबी टेस्ट शुरू किया जाएगा। विभाग ने इस जांच के लिए रांची जिले को 240 वॉइल आवंटित किए हैं। जिसके तहत पल्मोनरी टीबी के हाउस होल्ड, कॉन्टैक्ट पर्सन का टेस्ट करते हुए उन्हें चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद टीपीटी की दवा दी जाएगी। 4,36,425 की स्क्रीनिंग में 525 में मिले टीबी के लक्षण सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में एक्टिव केस फाइंडिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। जिसके तहत घर-घर जाकर सहिया व स्वास्थ्य कर्मी टीबी के संभावित मरीजों की खोज कर रहे हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अबतक 4,36,425 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें टीबी के संभावित लक्षण वाले 525 मरीजों को चिह्नित किया गया है, इनकी जांच की जाएगी।


