कैंसर के मरीजों को रिम्स दे रहा नई जिंदगी, एक साल में 504 की सर्जरी, 397 स्वस्थ हो घर लौटे

रिम्स राज्य का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान है। यहां 10 साल पहले कैंसर विभाग की शुरुआत की गई थी। उद्देश्य था कि झारखंड के कैंसर पीड़ितों को राज्य में ही बेहतर चिकित्सा प्रदान की जाए, जो सार्थक भी साबित हुआ। यहां पिछले एक साल में 13000 से ज्यादा लोगों ने कैंसर के सर्जिकल और रेडिएशन ओपीडी में परामर्श लिया है। वहीं, 504 गंभीर कैंसर रोगियों की सर्जरी की गई है, जिसमें से 397 स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। रविवार को दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने रिम्स कैंसर वार्ड की पड़ताल की। वहां जो नजारा देखा, वह जिंदगी से लड़ने और उसे खुशी- खुशी जीने की नई प्रेरणा देता है। यहां भर्ती तीन मरीज रमेश मुंडा, हेमलाल किस्कू और बिशेश्वर महतो ने बीमारी को अपनी जिंदगी पर हावी नहीं होने दिया। तीनों ओरल कैंसर के मरीज हैं। इनमें से एक की 24 घंटे पहले ही सर्जरी हुई है। फिर भी तीनों मायूस नहीं, बल्कि लूडो खेलते मुस्कुराते नजर आए। तीनों को मुंह का कैंसर, कहा- नशा ना करें युवा, यह खतरनाक मरीज 40 वर्षीय रमेश मुंडा, रांची के रहने वाले हैं। नशा करने के चक्कर में मुंह में घाव हुआ। जो धीरे-धीरे पूरे मुंह में फैल गया। 14 दिन पहले रिम्स में जांच के बाद पता चला कि तीसरे स्टेज के मुंह का कैंसर है। बीमारी से डरे बिना इसे हराने की ठानी। ऑपरेशन के 24 घंटे बाद रमेश सांप-सीढ़ी का खेलते दिखे। रमेश के साथ सांप-सीढ़ी खेलने वालों में गोड्‌डा जिले के हेमलाल किस्कू (57) और बोकारो जिले से आए बिशेश्वर महतो (60) हैं। तीनों ने युवाओं से कहा- नशा ना करें, यह खतरनाक है।

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