भास्कर न्यूज | जालंधर हर वर्ष अपने घरों में बप्पा की स्थापना करने वालों का इंतजार खत्म हो चुका है। आज गजानन घर-घर में विराजमान होंगे। दस दिवसीय गणपति उत्सव की शुरुआत आज से होगी। इसे लेकर शहर के मंदिरों में भी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। विद्वानों के अनुसार, 27 अगस्त से दस दिनों तक यानि 6 सितंबर तक का गणेश उत्सव चलेगा। शिव शक्ति मां बगलामुखी मंदिर के पंडित विजय शास्त्री ने बताया कि देशभर में भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष को गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसी दिन माता पार्वती के पुत्र गणेश जी का जन्म हुआ था। लोग अपनी सुविधाानुसार तीन, पांच, सात और दस दिनों तक गणपति की स्थापना करते हैं। सच्ची श्रद्धा, भक्ति भाव से रिद्धि-सिद्धि के दाता की पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने बताया कि यह पावन पर्व सौभाग्य चतुर्थी के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिन नया काम शुरू करने, खरीदने, बेचने और व्यवसाय शुरू करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। विद्वानों ने बताया कि जिन बच्चों को पढ़ाई में मन नहीं लगता, सिर पीढ़ा होती है, उनके लिए श्री गणेश जी की पूजा आवश्यक है। इन दिनों प्रभु की पूजा करने से उन बच्चों को श्री गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है।


