सतलुज दरिया से लगते बाढ़ संभावित क्षेत्रों का प्रशासन ने किया दौरा, दरिया में जलस्तर खतरे के निशान से नीचे

भास्कर न्यूज | जालंधर लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन सतलुज दरिया के किनारे बाढ़ संभावित क्षेत्रों की स्थिति पर 24 घंटे नजर रख रहा है और बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि लोगों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि दरिया का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए है कि वे स्वयं फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति पर समय रहते काबू पाया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो प्रशासन बिना किसी देरी के राहत कार्य करने के लिए पर्याप्त प्रबंधों और तैयारियों से लैस है। प्रशासन के पास पर्याप्त संख्या में रेत की बोरियां, आवश्यक मशीनरी और बचाव दल तैयार है। सुरक्षित स्थानों की भी पहचान कर ली गई है, जहां जरूरत पड़ने पर लोगों को पहुंचाया जाएगा। कंट्रोल रूम स्थापित, जरूरत पड़ने पर इन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्क उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने जिला स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम तैयार किया है, जिसका टेलीफोन नंबर 0181-2224417 है। इसी प्रकार, सब-डिवीजन स्तर पर भी बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किए गए है। सब-डिवीजन फिल्लौर के बाढ़ कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 01826- 224117, नकोदर का 01821- 500335, शाहकोट का 01821- 260894 और आदमपुर में स्थापित कंट्रोल रूम का नंबर 0181-2980090 है। एसडीएम नकोदर लाल विश्वास बैंस, एसडीएम शाहकोट शुभी आंगरा और एसडीएम फिल्लौर परलीन कौर अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में दरिया के साथ लगते बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

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