वादे से पीछे न हटें सीएम, 3200 रु. क्विंटल धान की खरीद हो: मरांडी

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने वादे से पीछे न हटें। किसानों से 3200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार धान की खरीद करे। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को प्रोत्साहित करने की जगह सरकार उन्हें निराश कर रही है। गीला धान के नाम पर कटौती बंद हो। मरांडी ने कहा कि सरकार में शामिल दलों ने चुनाव से पूर्व 3200 रुपए क्विंटल धान खरीदने की घोषणा की थी, पर राज्य सरकार अपने वादे से उलट गई। आज 2300 रुपए प्रति क्विंटल और 100 रुपए बोनस के साथ 2400 रुपए प्रति क्विंटल धान की खरीद हो रही है। सरकार ने 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य रखा है, लेकिन अभी तक सभी जिलों में धान क्रय केंद्र खोले ही नहीं गए हैं। अफसरशाही इतनी हावी है कि वित्त मंत्री अपने क्षेत्र से धान क्रय केंद्र का बिना उद्घाटन किए ही लौटने को मजबूर हैं। राज्य में जहां केंद्र खुले भी हैं, उनमें कई स्थानों पर ताले लटके हैं। सरकार की उदासीनता के कारण किसान दलाल व बिचौलियों के चंगुल में आने को मजबूर हैं। वे 1800-1900 रुपए प्रति क्विंटल धान बेचने को विवश हैं। बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ के बिचौलिए धान खरीद के लिए बाइक से गांव-गांव घूम रहे हैं। प्रेस वार्ता में पवन साहू व योगेंद्र प्रताप सिंह भी थे। किसानों से किया जा रहा फर्जीवाड़ा मरांडी ने कहा कि भाजपा शासित प्रदेशों में घोषित दर पर धान की खरीद हो रही है, जबकि हेमंत सरकार फिर धोखा दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित है। आज प्रति वर्ष किसानों के खाते में 6000 रुपए तीन किस्तों में भेजा जा रहा है, जो किसानों के लिए काफी सहायक हो रहा। लगातार फसलों पर केंद्र सरकार एमएसपी बढ़ा रही है। अभी हाल में ही यूरिया के दामों में सब्सिडी बढ़ाई गई है। राज्य सरकार अपने वादे पर अमल करते हुए 3200 रुपए प्रति क्विंटल धान की खरीद करे। 6 जनवरी के बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे रघुवर दास शुक्रवार को ओडिशा के नए राज्यपाल ने शपथ ग्रहण कर लिया। ऐसे में ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास अब भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की स्थिति में हैं। बताया गया है कि वे 6 जनवरी के बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। नेता प्रतिपक्ष पर उलझी भाजपा भाजपा में नेता प्रतिपक्ष पर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक व सचेतक पर भी फैसला नहीं हो पा रहा। जानकारी के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष के नाम पर भी मुहर लगेगी। फरवरी में प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा संभावित है। ऐसे में बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष, मुख्य सचेतक और सचेतक के नाम की घोषणा होगी। इसके लिए प्रदेश भाजपा की अंदरूनी राजनीति तेज हो गई है। वर्तमान में सदस्यता अभियान चल रहा है। फरवरी में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव संभावित है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *