शहर में आयोजित वाले उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर उपभोक्ता को मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। ये निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक लिया गया। इसके अलावा इस बैठक में सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना जिसकी लागत एक हजार 133 करोड़ 67 लाख रुपए है, की स्वीकृति भी प्रदान की गई हैं। गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों से उज्जैन में भी ग्वालियर की तर्ज पर वाहन मेले का आयोजन हो रहा है। इस मेले को लेकर उपभोक्ताओं को खासी रूचि रहती है। उपभोक्ताओं को इसमें अपने मन पसंद वाहन खरीदने का अवसर तो मिलता ही ही है कर में छूट का लाभ भी। ऐसे में उपभोक्ता अब इस मेले के आयोजित होने का इंतजार तर करने लगे हैं। स्थानीय के अलावा विभिन्न शहरों से लोग इसमें खरीदी के लिए आते हैं। संभवत: इस बार भी वाहन मेला मार्च में आयोजित होगा। वर्ष 2025 में बिके थे 36223 वाहन परिवहन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि शहर में एक मार्च से नौ अप्रैल 2024 तक पहली बार वाहन मेला आयोजित हुआ था। तब इसमें से 23,705 वाहन बिके थे। इससे शासन को 122.11 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। बीते 2025 में इसी अवधि में आयोजित वाहन मेले में से 36 हजार 223 वाहन बिके थे। तब शासन को 313.55 करोड़ राजस्व मिला था। दोनों आयोजन में उपभोक्ताओं ने मोटरयान कर में छूट का लाभ प्राप्त किया था। इधर आरटीओ संतोष मालवीय ने बताया कि वाहन मेले को लेकर शासन के जो भी निर्देश होंगे उनका पालन किया जाएगा।


