हिमाचल प्रदेश समेत पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी और उत्तर भारत से आ रही ठंडी पश्चिमी हवाओं ने झारखंड के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। मंगलवार से राज्यभर में ठंड और कनकनी तेज हो गई है। बीते 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 0.5 से 1 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसका सीधा असर जनजीवन पर दिख रहा है। सुबह-शाम सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, वहीं लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। राज्य का सबसे ठंडा जिला गुमला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची जिले के मैक्लुस्कीगंज में तापमान 1 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि कांके में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों में बर्फबारी का यह असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। 13 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, और गिरेगा पारा मौसम विभाग, रांची केंद्र ने राज्य के 13 जिलों में शीतलहर को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और जमशेदपुर शामिल हैं। विभाग के मुताबिक पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के कारण अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और गिरावट आ सकती है। इससे कई इलाकों में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ने की संभावना है। दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन सुबह और देर रात ठंडी हवाओं के कारण कनकनी बनी रहेगी। ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर अधिक देखने को मिल रहा है। रांची में टूट सकता है 6 साल पुराना रिकॉर्ड जनवरी के महीने में रांची में ठंड का असर सामान्य तौर पर रहता है, लेकिन पिछले छह वर्षों में शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया है। आखिरी बार 25 जनवरी 2020 को न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री दर्ज किया गया था। इस बार मौसम विभाग का अनुमान है कि तापमान 5 डिग्री से नीचे जा सकता है। इस वजह से छह साल पुराना रिकॉर्ड टूट सकता है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार 16 से 18 जनवरी के बीच तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि ठंडी हवाओं के कारण कनकनी बनी रहेगी। सुबह के समय कोहरा छाए रहने की संभावना है। 19 जनवरी के बाद राज्य को ठंड से कुछ राहत मिलने के संकेत हैं।


