राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गुरु नानक शाखा ने विजयदशमी के अवसर पर विकास नगर स्थित शिव मंदिर उद्यान में शस्त्र पूजन का आयोजन किया। यह आयोजन संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रातः आठ बजे किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद मंच पर आसीन मुख्य मेहमान सतीश जोशी ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। जोशी ने अपने बौद्धिक में कहा कि नवरात्रि में अर्जित शक्ति को राष्ट्र एवं देश चिंतन में लगाना चाहिए। उन्होंने सामाजिक समरसता बनाए रखने और देशहित के लिए स्वयं को हमेशा तैयार रखने पर जोर दिया। उन्होंने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से संपूर्ण जगत के कल्याण की भावना रखने का आह्वान किया। मुख्य बौद्धिक कर्ता जिला प्रचारक गुमान सिंह ने अपने संबोधन में संघ की शाखा के 100 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया। उन्होंने वृत्तांतों के माध्यम से स्वयंसेवकों में देश प्रेम की भावना का संचार किया। गुमान सिंह ने शिवाजी, महाराणा प्रताप और भगत सिंह जैसे महापुरुषों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार इन देशभक्तों ने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उसी प्रकार हर स्वयंसेवक को राष्ट्र की रक्षा के लिए हर पल तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि 1925 में डॉ. हेडगेवार ने नागपुर में बहुत कम लोगों की उपस्थिति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी, जो आज पूरे विश्व में एक वट वृक्ष का रूप ले चुका है। संघ का सपना है कि भारत विश्व गुरु बने, और इसी लक्ष्य को लेकर वह निरंतर प्रयासरत है। शस्त्र पूजन कार्यक्रम का समापन सभी स्वयंसेवकों द्वारा ध्वज प्रणाम के साथ हुआ।


