स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव रवि जैन ने शनिवार को नगर निगम में बैठक ली। जैन नगर निगम की तैयारियों को लेकर संतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा कि इस बार विशेष तौर विजिबल स्वच्छता, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और अपशिष्ट के प्रोसेसिंग पर फोकस रखना होगा। सर्वेक्षण से पहले युद्ध स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बैठक के बाद आप अपने कार्यस्थल पर जाए तो वहां सभी सफाई कर्मचारी, सीएसआई, इंजीनियरिंग विंग सहित सभी अधिकारियों के साथ बैठक करें। सफाई व्यवस्था को लेकर एक महाअभियान चलाएं। जनप्रतिनिधियों व स्वयंसेवी संस्थाओं को भी इसमें जोड़ें। बैठक में निगम आयुक्त सिद्धार्थ पालानीचामी, उपायुक्त प्रोजेक्ट मोहनलाल, उपनिदेशक स्थानीय निकाय पुष्पा कंवर सिसोदिया, स्टेट टीम पीएमयू लीडर, आईईसी एक्सपर्ट, एसडब्ल्यूएम एक्सपर्ट और यूडब्ल्यूएम स्टेट को-ऑर्डिनेटर ने तकनीकी सत्रों के माध्यम से सर्वेक्षण की बारीकियों को समझाया। कार्यशाला में कई ईओ नहीं आए, मिलेंगे नोटिस स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर शनिवार को जोधपुर संभाग की आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। महत्वपूर्ण बैठक के बावजूद कई नगर पालिकाओं के अधिशाषी अधिकारी (ईओ) कार्यशाला में उपस्थित नहीं हुए। कुछ अधिकारियों ने बिना अवकाश लिए अपने स्थान पर अन्य अधिकारियों को भेज दिया। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित ईओ को नोटिस थमाने के निर्देश दिए गए। गीला-सूखा कचरा अलग लेने व आवारा पशुओं पर रोकथाम के निर्देश } सभी निकायों को ओडीएफ++ और वॉटर प्लस की रेटिंग प्राप्त करने के लिए सीवरेज और वाटर मैनेजमेंट को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। } नागरिक फीडबैक में इस बार सर्वेक्षण में नागरिकों की भागीदारी और फीडबैक को उच्च प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन व धार्मिक नगरों के साथ-साथ स्कूलों में व्यवहार परिवर्तन की गतिविधियों पर विशेष जोर रहेगा। } डेटा शुद्धता सभी निकायों को स्वच्छतम पोर्टल पर सही और सटीक डेटा दर्ज करने तथा प्रतिमाह अपडेट रखने के सख्त निर्देश दिए गए। } अस्थाई कचरा पॉइंट हटाना, सेग्रिग्रेशन के लिए घरों से कचरा अलग लेना, डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन बढ़ाना और आवारा पशु की समस्या पर काम करने के लिए कहा गया।


