केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए विशेष सैलरी अकाउंट पैकेज शुरू किया है। इसे गत 14 जनवरी को लॉन्च किया गया। विभाग के सचिव एम. नागराजू ने सभी मंत्रालयों और विभागों को पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है। यह पैकेज देश के 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया गया है। इनमें से कर्मचारी अपनी पसंद के किसी भी बैंक का चयन कर सकते हैं। बैंकों को मंत्रालयों और विभागों में ऑन-साइट कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएफएस की वेबसाइट पर संबंधित बैंकों के वेबपेज लिंक उपलब्ध हैं, जहां कर्मचारी पूरी जानकारी देख सकते हैं। लीड बैंक ऑफिसर संजयकुमार गुप्ता ने बताया कि नई ज्वाइनिंग पर कर्मचारियों को वेतन के आधार पर गोल्ड, सिल्वर, प्लेटिनम और डायमंड श्रेणी के पैकेज में जोड़ा जाएगा। खाता खोलने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और पे-स्लिप आवश्यक होगी। ये बैंक शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा, बीओआई, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पीएनबी, पंजाब एंड सिंध बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक। मुफ्त आरटीजीएस-एनईएफटी, बीमा-टर्म इंश्योरेंस इस पैके में जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट, मुफ्त चेक बुक, निशुल्क आरटीजीएस, एनईएफटी और यूपीआई लेन-देन, रियायती ब्याज दर पर होम-एजुकेशन, पर्सनल और कार लोन, 1.50 करोड़ तक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, 2 करोड़ तक हवाई बीमा, 20 लाख तक टर्म इंश्योरेंस, कर्मचारी और परिवार के लिए स्वास्थ्य बीमा के अलावा लॉकर रेंट और लोन प्रोसेसिंग चार्ज में छूट, डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर अतिरिक्त सुविधाएं दी गई हैं।


