विदिशा में घने कोहरे के कारण एक थार जीप बाह नदी में गिर गई। यह घटना गुरुवार देर रात करीब 3:30 बजे NH-346 विदिशा-अशोकनगर मार्ग पर कागपुर के पास हुई। डायल-112 के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए गहरे पानी से जीप में फंसी तीन युवतियों की जान बचाई। रात के समय घना कोहरा था, जिससे दृश्यता बहुत कम थी। चालक अंकित चौहान को नदी के पुल का अंदाजा नहीं लग पाया। सामने अचानक मवेशी आ जाने से जीप अनियंत्रित होकर पुल से नीचे नदी में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही नटेरन पुलिस और डायल-112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। डायल-112 एफआरव्ही स्टाफ के सैनिक गजेंद्र रघुवंशी और पायलट तीरथ सिंह अहिरवार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना करीब 10-12 फीट गहरे पानी में उतरकर बचाव अभियान चलाया। कुल पांच लोग सवार थे
जवानों की सूझबूझ और तत्परता से जीप में फंसी तीनों युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जीप में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें चालक अंकित चौहान और अन्य यात्री शामिल थे। हादसे में अंकित चौहान, विक्की उर्फ विकास नामदेव और रितु को चोटें आईं। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नटेरन ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को छुट्टी दे दी गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जीप में सवार पांचों लोग 29 जनवरी को करीला कार्यक्रम में शामिल होकर रात में लौट रहे थे, तभी घने कोहरे के कारण यह दुर्घटना हुई। डायल-112 जवानों की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने न केवल तीन जिंदगियां बचाईं, बल्कि विषम परिस्थितियों में पुलिस बल की कर्तव्यनिष्ठा और साहस को भी उजागर किया। जीप में सवार लोग


